

आसनसोल : पश्चिम बंगाल और झारखंड की सीमा पर स्थित मैथन डैम, नए वर्ष 2025 के आगमन पर पर्यटकों की भीड़ से गुलजार हो गया है। क्रिसमस से लेकर जनवरी के शुरुआती सप्ताह तक पर्यटकों की चहल-पहल यहां के प्राकृतिक सौंदर्य को और जीवंत बना रही है। मंगलवार को मैथन डैम में पर्यटकों का सैलाब उमड़ पड़ा, जहां लोग अपने परिवार, मित्रों और प्रियजनों के साथ नए साल का जश्न मनाने पहुंचे।
मैथन डैम, जिसे “क्वीन वैली” और “प्रकृति का स्वर्ग” कहा जाता है, हरे-भरे जंगलों और शांत झील के मनमोहक नजारों के लिए प्रसिद्ध है। दिसंबर और जनवरी के महीनों में यहां पर्यटकों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि देखी जाती है। डैम के समीप स्थित मिलेनियम पार्क, रंग-बिरंगे फूलों का बगीचा, और झील का अद्भुत दृश्य पर्यटकों को मंत्रमुग्ध कर देता है। लोग यहां की खूबसूरती को अपने कैमरे में कैद करते हैं और यादगार पलों को संजोते हैं।

सुरक्षा के कड़े इंतजाम
आसनसोल-दुर्गापुर पुलिस कमिश्नरेट द्वारा मैथन डैम सहित अन्य प्रमुख पिकनिक स्थलों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। पर्यटकों की सुविधा और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पर्याप्त संख्या में पुलिस कर्मियों की तैनाती की गई है। डैम के ब्रिज पर वाहनों की नो एंट्री लागू की गई है, और वाहनों के प्रवेश पर सख्ती से प्रतिबंध लगाया गया है। पुलिस द्वारा लगातार माइकिंग के माध्यम से भीड़ को नियंत्रित करने और यातायात सुगम बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं।

डैम की खासियत
मैथन डैम का शांत वातावरण और यहां की मनमोहक झील पर्यटकों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र है। यहां आने वाले सैलानी स्पीड बोटिंग और अन्य मनोरंजन गतिविधियों का आनंद लेते हैं। झील के चारों ओर फैले प्राकृतिक सौंदर्य को निहारते हुए लोग पिकनिक मनाने और शांत वातावरण में समय बिताने के लिए इसे एक आदर्श स्थल मानते हैं।
हर वर्ष लाखों की संख्या में पर्यटक मैथन डैम की अद्भुत सुंदरता का लुत्फ उठाने आते हैं। नए साल के मौके पर यहां का उत्साह देखते ही बनता है। मैथन डैम पश्चिम बंगाल और झारखंड के लोगों के लिए एकता और आनंद का प्रतीक बन चुका है। यह स्थान न केवल प्रकृति प्रेमियों के लिए, बल्कि शांति और सुकून की तलाश में आए लोगों के लिए भी अद्वितीय है।















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