मैथन जलाशय क्षेत्र में वन विभाग की सख्ती, पिकनिक स्थलों पर पाबंदियां लागू

Facebook
Twitter
WhatsApp

IMG 20250101 WA0189

ghanty

आसनसोल :  पश्चिम बंगाल और झारखंड की सीमा पर स्थित प्रसिद्ध पर्यटन स्थल मैथन जलाशय और उसके आसपास के जंगलों में पिकनिक मनाने के लिए वन विभाग ने सख्त निर्देश लागू कर दिए हैं। नए साल के पहले दिन से इन निर्देशों को प्रभावी किया गया है। सालनपुर ब्लॉक प्रशासन द्वारा चिन्हित स्थलों पर ही पिकनिक मनाने की अनुमति होगी। इसके अलावा, गाने-बजाने की अनुमति तो होगी, परंतु ध्वनि प्रदूषण न हो, इसका विशेष ध्यान रखना अनिवार्य होगा।

IMG 20240910 WA0035

चिन्हित स्थलों पर ही पिकनिक की अनुमति
वन विभाग और जिला प्रशासन ने मैथन के थर्ड डाइक, मिलेनियम पार्क, राइफल शूटिंग रेंज जैसी जगहों को पिकनिक के लिए चिन्हित किया है। केवल इन्हीं स्थानों पर आग जलाने और खाना पकाने की अनुमति दी गई है। जलाशय के गहरे जंगलों में प्रवेश पूर्णतः प्रतिबंधित कर दिया गया है। प्रशासन ने पिकनिक स्थलों पर बड़े-बड़े निर्देशात्मक बैनर लगाए हैं, जिनमें प्लास्टिक और थर्मोकोल के उपयोग पर प्रतिबंध की स्पष्ट चेतावनी दी गई है।

वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए सख्त कदम
वन विभाग ने यह कदम जंगलों में रहने वाले वन्यजीवों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उठाया है। शराब पीकर जंगलों में प्रवेश और अनुशासनहीनता पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है। इस निर्देश का उल्लंघन करने पर जुर्माने का प्रावधान रखा गया है।

IMG 20240918 WA0025

पर्यटकों की भीड़ और प्रशासन की तैयारियां
मैथन जलाशय, जिसे ‘प्रकृति का स्वर्ग’ कहा जाता है, में हर वर्ष दिसंबर और जनवरी के महीनों में लाखों पर्यटक आते हैं। पिछले रविवार और क्रिसमस के मौके पर लाखों की भीड़ उमड़ी थी। नए साल के पहले दिन भी इसी तरह की भीड़ की संभावना को देखते हुए प्रशासन ने विशेष व्यवस्था की है। बांग्ला-झारखंड सीमा पर सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। पुलिस की विशेष टीमें ट्रैफिक नियंत्रण और भीड़ प्रबंधन के लिए तैनात हैं।

विशेष सुविधाएं और पर्यटन आकर्षण
मैथन जलाशय में पर्यटक नौका विहार का आनंद उठा सकते हैं। लाइफ जैकेट के साथ पर्यटकों को विभिन्न द्वीपों की यात्रा कराई जाती है। कल्याणेश्वरी मंदिर में पूजा-अर्चना के बाद पर्यटक जलाशय के शांत, हरे-भरे और फूलों से सजे बगीचों का आनंद लेते हैं। कोलकाता, बांकुरा, बीरभूम, बर्दवान, हुगली आदि जिलों के साथ-साथ झारखंड से भी बड़ी संख्या में पर्यटक यहां पहुंचते हैं।

आपातकालीन व्यवस्था और निगरानी
पुलिस और सिविल डिफेंस टीम जलाशय और जंगल क्षेत्र में हर स्थिति से निपटने के लिए मुस्तैद हैं। कहीं भी किसी पर्यटक को परेशानी होने पर तुरंत सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। इसके लिए ट्रैफिक गार्ड थाने की विशेष टीमें लगातार गश्त कर रही हैं।

प्राकृतिक सौंदर्य और शांत वातावरण के लिए प्रसिद्ध मैथन जलाशय क्षेत्र में प्रशासन के सख्त कदमों से पर्यावरण संरक्षण और पर्यटन की व्यवस्थाओं में सुधार सुनिश्चित किया जा रहा है।

Leave a Comment

Leave a Comment

[democracy id="1"]

Share Market

Also Read This

Gold & Silver Price

Our Visitor

0 4 1 7 6 5
Users Today : 0
Users Yesterday : 14