
आसनसोल : आसनसोल के जीटी रोड स्थित बड़ा पोस्ट ऑफिस के समीप महाबीर स्थान मंदिर प्रांगण में चल रही सात दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा के चौथे दिन श्रीकृष्ण जन्मोत्सव हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। कथा का आयोजन मुख्य यजमान अरुण साव, उनके परिवार, और आसनसोल महाबीर स्थान सेवा समिति के सहयोग से किया गया।
कथा वाचक स्वामी आत्म प्रकाश जी महाराज ने अपने प्रवचन में जीवन में शिक्षा के साथ संस्कार की महत्ता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि आत्मा अमर और अविनाशी है। मानव जीवन का उद्देश्य आत्मा की प्राप्ति और आत्मज्ञान है। गुरुजी ने कहा कि समाज में संतों का कार्य चमत्कार दिखाना नहीं, बल्कि समाज को संस्कार सिखाना है। उन्होंने श्रद्धालुओं को चमत्कार में उलझने के बजाय आत्मचिंतन और सत्संग में लीन रहने का परामर्श दिया।

स्वामी जी ने यह भी कहा कि तपस्या, सत्संग और पुण्य के द्वारा प्राप्त लाभ ही व्यक्ति के साथ जाता है। उन्होंने गुरु की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि संसार में गुरु के बिना सब अधूरा है। कथा के दौरान उन्होंने समाज के लोगों को आह्वान किया कि वे अपने जीवन को आध्यात्मिक उन्नति के मार्ग पर अग्रसर करें।
मंच पर उपस्थित महाबीर स्थान सेवा समिति के सचिव अरुण शर्मा ने बताया कि 3 जनवरी को स्वामी आत्म प्रकाश जी महाराज द्वारा गुरु दीक्षा प्रदान की जाएगी। दीक्षा समारोह पटेल निवास, चित्रा के समीप आयोजित होगा। श्रद्धालुओं के लिए मंदिर से गाड़ी की व्यवस्था की गई है। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं से सुबह 10 बजे मंदिर में उपस्थित होने का अनुरोध किया।

कथा कार्यक्रम में आसनसोल नगर निगम के चेयरमैन अमरनाथ चटर्जी सहित अनेक गणमान्य अतिथियों को सम्मानित किया गया। इस आयोजन में मुख्य रूप से अरुण साव और उनके परिवार के साथ समिति के सदस्य, बालकिशन मुरारका, मोहन भाई पटेल, निरंजन पंडित, श्याम सुंदर पंडित, रतन दिवान, अशोक अग्रवाल, गोविंद शर्मा, मुकेश जायसवाल, दिलीप केडिया, विनोद अग्रवाल (सीए), प्रेमचंद केशरी, सुनीता केडिया, रानी भगत, और सैकड़ों महिला-पुरुष श्रद्धालु उपस्थित रहे।
आयोजन में भक्ति और उत्साह का माहौल देखते ही बन रहा था। उपस्थित श्रद्धालुओं ने भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव का आनंद उठाया और स्वामी आत्म प्रकाश जी महाराज के प्रेरणादायक प्रवचनों से लाभान्वित हुए।















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