
आसनसोल : ट्रांसमीटो डेवलपमेंट फाउंडेशन के कर्ताधर्ता मोहम्मद नदीम एवं उनके सहयोगियों पर प्रोजेक्ट के नाम पर भारी वित्तीय धोखाधड़ी का आरोप लगा है। छत्तीसगढ़ एवं झारखंड से आईं महिलाओं ने उन पर यह गंभीर आरोप लगाया कि संस्था के माध्यम से आम नागरिकों से करोड़ों रुपये निवेश के नाम पर लिए गए, किंतु अब जब धन वापसी की बारी आई तो संस्थापक एवं पदाधिकारी पलट गए हैं।
छत्तीसगढ़ की शबनम परवीन की पीड़ा
छत्तीसगढ़ से आईं शबनम परवीन ने बताया कि वे मोहम्मद नदीम एवं उनके साथियों की लुभावनी बातों में आकर अपने क्षेत्र के लोगों से पैसा लेकर इस कंपनी में जमा कर चुकी हैं। उन्हें आश्वासन दिया गया था कि निवेश के बदले में मुनाफे के रूप में भारी रकम लौटाई जाएगी, किंतु वास्तविकता इसके विपरीत साबित हुई।
अब जब उनके पास पैसा नहीं है, तो जिन लोगों ने उनके माध्यम से निवेश किया था, वे आक्रोशित होकर उनसे पैसों की मांग कर रहे हैं। कई मौकों पर उनके साथ दुर्व्यवहार एवं धक्का-मुक्की भी हुई है। शबनम परवीन का कहना है कि वे सम्मानपूर्वक जीवन जीना चाहती हैं, इसलिए वे आसनसोल आई हैं, क्योंकि ट्रांसमीटो डेवलपमेंट फाउंडेशन का मुख्यालय यहीं स्थित है। किंतु मोहम्मद नदीम मिलने से इनकार कर रहे हैं।

झारखंड की सोनम भी ठगी की शिकार
इसी प्रकार, झारखंड से आईं सोनम नामक महिला ने भी अपनी व्यथा साझा की। उन्होंने बताया कि संस्था के पदाधिकारियों ने ब्लॉक स्तर पर कार्य करने पर सरकारी नौकरी मिलने तक का आश्वासन दिया था। इसी झांसे में आकर उन्होंने अपने इलाके में कई लोगों से राशि लेकर कंपनी में निवेश करवाई। लेकिन अब स्थिति यह है कि न तो उन्हें कोई नौकरी मिली और न ही उनके द्वारा जमा किया गया पैसा वापस मिल रहा है।
पीड़ितों की मांग – पैसा वापस या दोषियों पर कार्रवाई
अब जिन लोगों ने इन महिलाओं के माध्यम से पैसे जमा किए थे, वे उन्हें ही उत्तरदायी ठहरा रहे हैं। कई पीड़ितों का स्पष्ट कहना है कि या तो उन्हें उनका पैसा लौटाया जाए या फिर मोहम्मद नदीम को सामने लाया जाए। जब ये महिलाएँ आसनसोल स्थित मुख्यालय पहुंचीं, तो मोहम्मद नदीम ने मिलने से इनकार कर दिया।
इस घोटाले की परतें धीरे-धीरे खुल रही हैं, और अब यह देखना होगा कि प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है।
















Users Today : 39
Users Yesterday : 14