
बर्नपुर : इस्को स्टील प्लांट (आईएसपी) के अतिक्रमण हटाओ अभियान के दौरान ईडी स्तर के वरिष्ठ अधिकारी पर हमले की घटना से अफरा-तफरी मच गई। सोमवार को इस्को प्रबंधन की टीम, स्थानीय पुलिस प्रशासन के सहयोग से कारखाने की अवैध रूप से कब्जे में लिए गए क्वार्टरों को अतिक्रमण मुक्त कराने पहुंची थी। इस दौरान, जब जेसीबी मशीन द्वारा अतिक्रमण हटाने का कार्य जारी था, तभी एक ठेका कर्मचारी ने अधिकारी पर अचानक हमला कर दिया।
हमले में अधिकारी को गंभीर चोटें आईं, जिससे उनका चश्मा भी टूट गया। घटनास्थल पर पर्याप्त पुलिस बल की अनुपस्थिति के कारण स्थिति को नियंत्रित करने में कठिनाई हुई। पुलिस अधिकारियों ने तुरंत अधिकारी को वहां से सुरक्षित हटाया और हमलावर के खिलाफ मामला दर्ज किया। इसके उपरांत, बड़ी संख्या में पुलिस बल घटनास्थल पर पहुंचा, परंतु तब तक आरोपी फरार हो चुका था।

अवैध कब्जे को लेकर वर्षों से चल रहा विवाद
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, बर्नपुर सिनेमा हॉल की दीवार के पास स्थित क्वार्टरों पर वर्षों से अवैध कब्जा चला आ रहा है। इस अभियान के तहत एक क्वार्टर को खाली कराने की प्रक्रिया आरंभ की गई थी। इसी दौरान, विकास ठाकुर नामक व्यक्ति अपने पिता के साथ वहां पहुंचा और प्रबंधन के अधिकारियों से अभद्रता करने लगा। मामला बढ़ते ही उसने अचानक एक ईंट उठाकर हमला करने का प्रयास किया, जिससे धक्का-मुक्की की स्थिति उत्पन्न हो गई।
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, विकास ठाकुर लंबे समय से इस क्षेत्र में खाली होने वाले क्वार्टरों पर अवैध कब्जा कर उन्हें किराए पर चढ़ाता आया है। पुलिस ने इस मामले में उसके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर तलाश शुरू कर दी है।
टीएमसी पार्षद अशोक रुद्र ने किया पलटवार
इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए टीएमसी पार्षद अशोक रुद्र ने इसे दुर्भाग्यपूर्ण करार दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि आईएसपी प्रबंधन ने पहले से अतिक्रमण हटाने की सूचना दी थी। उन्होंने यह भी कहा कि यह मामला पूरी तरह से इस्को प्रबंधन का है, इसमें उनकी कोई भूमिका नहीं है। हालांकि, उन्होंने यह आरोप लगाया कि हमला करने वाला व्यक्ति भाजपा कार्यकर्ता है।

हमलावर के पिता ने लगाया पुलिस पर उत्पीड़न का आरोप
जब इस विषय में विकास ठाकुर के पिता से बात की गई, तो उन्होंने कहा कि वे इस्को स्टील प्लांट में कार्यरत नहीं हैं और जिस क्वार्टर में वे रह रहे थे, वह उनके नाम आवंटित भी नहीं था। उन्होंने आरोप लगाया कि आईएसपी प्रबंधन द्वारा उन्हें अचानक क्वार्टर खाली करने के लिए मजबूर किया गया, जिससे उनके परिवार पर संकट आ गया।
उन्होंने यह भी कहा कि उन्होंने अन्य क्वार्टर के लिए आवेदन दिया था, किंतु अब तक कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की गई। उन्होंने यह आरोप भी लगाया कि आईएसपी अधिकारियों द्वारा उनके साथ दुर्व्यवहार और मारपीट की गई।
प्रशासन की अगली कार्रवाई
पुलिस ने स्पष्ट किया है कि विकास ठाकुर की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी जारी है। साथ ही, आईएसपी प्रबंधन को भी उचित सुरक्षा मुहैया कराने का आश्वासन दिया गया है। इस घटना ने बर्नपुर क्षेत्र में सरकारी भूमि पर अतिक्रमण एवं अवैध कब्जों के जटिल मुद्दे को फिर से उजागर कर दिया है, जिससे प्रशासन पर कठोर कार्रवाई की मांग बढ़ गई है।















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