
आसनसोल : पूर्वी रेलवे की रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने “ऑपरेशन नन्हे फरिश्ते” के तहत बाल संरक्षण की दिशा में अनुकरणीय प्रतिबद्धता का परिचय देते हुए उल्लेखनीय सफलता प्राप्त की है। 1 जनवरी 2025 से 31 जनवरी 2025 तक पूर्वी रेलवे के विभिन्न स्टेशनों से आरपीएफ कर्मियों ने कुल 70 नाबालिगों को बचाया। इनमें 41 बालक एवं 29 बालिकाएँ शामिल हैं।

मंडलवार आंकड़े इस प्रकार हैं: हावड़ा मंडल: 27 बालक, 15 बालिका, सियालदह मंडल: 1 बालक, 3 बालिका, आसनसोल मंडल: 6 बालक, 9 बालिका, मालदा मंडल: 7 बालक, 2 बालिका। आरपीएफ कर्मियों की सतर्कता और तत्परता के कारण इन बच्चों को सुरक्षित उनके परिजनों तक पहुँचाने अथवा सक्षम अधिकारियों के माध्यम से संरक्षित आश्रय प्रदान करने में सफलता मिली। यह प्रयास रेलवे सुरक्षा बल की संवेदनशीलता और दृढ़ संकल्प को दर्शाता है, जो संकटग्रस्त बच्चों की सुरक्षा एवं संरक्षण हेतु निरंतर प्रयासरत है।

“ऑपरेशन नन्हे फरिश्ते” की सफलता पूर्वी रेलवे द्वारा यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की प्रतिबद्धता को और अधिक सशक्त करती है, विशेष रूप से उन बच्चों के प्रति जो विभिन्न परिस्थितियों में असहाय एवं असुरक्षित हो जाते हैं। आरपीएफ का यह प्रयास सामाजिक उत्तरदायित्व की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा जा रहा है।















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