
दुर्गापुर : लाखों रुपये की आर्थिक ठगी के आरोप में दुर्गापुर नगर निगम के वार्ड संख्या 32 के पूर्व तृणमूल पार्षद मानस रॉय एवं उनके पुत्र अभ्रनील को मंगलवार रात्रि पुलिस ने गिरफ्तार किया। हालांकि, आसनसोल-दुर्गापुर पुलिस कमिश्नरेट के डिप्टी कमिश्नर अभिषेक गुप्ता ने दावा किया कि गिरफ्तार व्यक्तियों का किसी राजनीतिक दल से कोई संबंध नहीं है। इस बयान पर विपक्ष ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए पुलिस पर सत्ताधारी दल के पक्षपातपूर्ण रवैये का आरोप लगाया।
बुधवार को जब पुलिस मानस रॉय एवं उनके पुत्र को अदालत में पेश करने के लिए ले जा रही थी, तब भाजपा कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया। आरोप है कि 2017 से 2022 तक पार्षद रहे मानस रॉय ने अपने प्रभाव का इस्तेमाल कर मोबाइल, कंप्यूटर एवं अन्य महंगी वस्तुएं खरीदीं, किंतु उनके भुगतान से इनकार कर दिया। इसके अतिरिक्त, मंत्रियों और सांसदों का नाम लेकर लाखों रुपये हड़पने का भी आरोप है।

वर्ष 2024 में बेनाचिति निवासी मोबाइल दुकानदार मनोज कुमार साउ से 1.92 लाख रुपये मूल्य के दो मोबाइल फोन खरीदे गए, परंतु भुगतान नहीं किया गया। जब दुकानदार ने रुपये मांगने का प्रयास किया, तो उसे धमकाया गया, जिसके बाद उसने दुर्गापुर थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई।
इस मामले में भाजपा विधायक लक्ष्मण घोड़ूई एवं कांग्रेस जिला अध्यक्ष देवेश चक्रवर्ती ने पुलिस के बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी। भाजपा विधायक ने कहा, “तृणमूल में ऊपर से नीचे तक भ्रष्टाचार फैला हुआ है। पार्टी के पूर्व पार्षद ने सत्ता के बल पर धन लूटा और अब पुलिस कह रही है कि उनका राजनीति से कोई संबंध नहीं! दरअसल, तृणमूल को बचाने का प्रयास किया जा रहा है।” वहीं, कांग्रेस नेता देवेश चक्रवर्ती ने कहा, “यह तृणमूल के अधीनस्थ पुलिस का पक्षपातपूर्ण रवैया है, जिसकी हम घोर निंदा करते हैं।”

इस पूरे प्रकरण पर तृणमूल कांग्रेस के जिला उपाध्यक्ष उत्तम मुखर्जी ने स्पष्ट किया कि पार्टी ठगी जैसे कृत्यों को कतई बर्दाश्त नहीं करेगी। उन्होंने कहा, “यदि उच्च नेतृत्व इस मामले की जानकारी लेता है, तो आरोपी को पार्टी से निष्कासित किया जाएगा।”















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