
आसनसोल : आसनसोल के पूर्व मेयर और भाजपा नेता जितेंद्र तिवारी ने तृणमूल कांग्रेस पर निशाना साधते हुए बाहरी बनाम स्थानीय की राजनीति पर सवाल उठाए हैं।उन्होंने अपने एक्स (पूर्व में ट्विटर) हैंडल पर पोस्ट कर तृणमूल कांग्रेस पर गंभीर आरोप लगाए।

तृणमूल पर बाहरी नेताओं को थोपने का आरोप
जितेंद्र तिवारी ने अपने पोस्ट में लिखा कि तृणमूल कांग्रेस ने आसनसोल-दुर्गापुर पर शासन करने के लिए बिहार से दो बाहरी नेताओं को आयात किया है। उन्होंने आगे लिखा कि पहला नाम शत्रुघ्न सिन्हा और दूसरा नाम कीर्ति आजाद का है। लेकिन जब बंगाल के हिंदी और उर्दू भाषी लोगों की बात आती है, तो तृणमूल उन्हें बाहरी (बहिरागत) कहती है।

बंगाल में बढ़ती बाहरी बनाम स्थानीय की बहस
गौरतलब है कि बंगाल की राजनीति में ‘बाहरी बनाम स्थानीय’ की बहस लंबे समय से चल रही है। तृणमूल कांग्रेस कई बार भाजपा पर आरोप लगाती रही है कि वह बंगाल में बाहरी विचारधारा थोपने की कोशिश कर रही है। वहीं, भाजपा का कहना है कि तृणमूल खुद गैर-बंगाली नेताओं को आगे कर रही है, लेकिन हिंदी और उर्दू भाषी बंगालियों को बाहरी बताती है।
2026 चुनाव से पहले गरमाई सियासत
आगामी 2026 के विधानसभा चुनाव को देखते हुए राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है।भाजपा और तृणमूल कांग्रेस के बीच लगातार तीखे हमले देखने को मिल रहे हैं। जितेंद्र तिवारी का यह बयान तृणमूल कांग्रेस पर सीधा हमला माना जा रहा है।इससे पहले भी वे कई मौकों पर ममता बनर्जी और उनकी पार्टी की नीतियों की आलोचना कर चुके हैं।
अब यह देखना दिलचस्प होगा कि तृणमूल कांग्रेस भाजपा नेता जितेंद्र तिवारी के इस बयान पर क्या प्रतिक्रिया देती है। क्या वे इस आरोप का जवाब देंगे या इसे नजरअंदाज कर आगे बढ़ेंगे? यह आने वाले दिनों में साफ हो जाएगा।















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