
आसनसोल : 17 सूत्री मांगों को लेकर ऑल इंडिया लोको रनिंग स्टाफ एसोसिएशन के केंद्रीय कार्यसमिति के निर्देश पर 20 फरवरी 2025 से आसनसोल डिवीजन के सभी रनिंग स्टाफ 36 घंटे की भूख हड़ताल पर हैं। हालांकि, इस दौरान ट्रेन संचालन पूरी तरह सुचारू रूप से जारी है।
रनिंग स्टाफ भूखे रहकर भी अपनी जिम्मेदारियों को पूरी ईमानदारी से निभा रहे हैं। हड़ताल के तहत रनिंग रूम और ट्रेनिंग सेंटर में 36 घंटे तक भोजन पूरी तरह बंद रहेगा। कर्मचारियों का कहना है कि वे देश की सेवा के लिए समर्पित हैं, लेकिन अपनी जायज मांगों को लेकर संघर्ष भी कर रहे हैं।

रनिंग स्टाफ की प्रमुख मांगें इस प्रकार हैं— 1. दिनांक 01.01.24 से रनिंग भत्ता दरों में 25% की वृद्धि की जाए तथा RAC 1981 के अनुसार रनिंग भत्ता दरों में संशोधन किया जाए। 2. 70% किलोमीटर भत्ते को आयकर से मुक्त किया जाए। 3. लोको रनिंग स्टाफ को इंटेंसिव कैटेगरी घोषित कर मालगाड़ी के लिए अधिकतम 8 घंटे और यात्री गाड़ी के लिए अधिकतम 6 घंटे की ड्यूटी निर्धारित की जाए। 4. HPC रिपोर्ट की अनुशंसा के अनुसार रात्रि ड्यूटी को लगातार 2 रात्रि ड्यूटी तक सीमित किया जाए। 5. 36 घंटे के भीतर रनिंग स्टाफ को मुख्यालय वापस लाना सुनिश्चित किया जाए। 6. रेल संचालन से संबंधित सभी औजार जैसे टूल बॉक्स और FSD लोको कैब और ब्रेकवान में उपलब्ध कराए जाएं। 7. सभी Inter Divisional Transfer/Inter Railway Transfer की प्रक्रिया को बिना किसी विलंब के पूर्ण किया जाए। 8. NPS/UPS को हटाकर OPS को पुनः स्थापित किया जाए। 9. रेल अधिनियम 1989 की धारा-133 (2) के तहत साप्ताहिक विश्राम (PR) 16+30 घंटे लागू किया जाए। 10. ALP, LPS, LPG, LPP और LPM के लिए क्रमशः L-6, L-7, L-8, L-9 एवं L-10 वेतनमान निर्धारित किया जाए। 11. नियम विरुद्ध EMU और MEMU में सिंगल मैन वर्किंग अविलंब बंद की जाए। 12. विभिन्न लोकोमोटिव की संख्या के अनुसार प्रशिक्षण की अवधि बढ़ाई जाए। 13. रनिंग स्टाफ के भोजन ब्रेक को परिभाषित किया जाए। 14. महिला रनिंग स्टाफ की विशिष्ट शिकायतों का निवारण किया जाए। 15. लोको पायलट पर एक साथ कई कार्यों का बोझ डालना बंद किया जाए। 16. स्टेशन सेक्शन में ALP से गाड़ियों का हैंड ब्रेक बांधने/खोलने का अवैध आदेश रद्द किया जाए। 17. कैब में CVVRS लगाकर चालक दल के ऊपर अतिरिक्त मानसिक प्रताड़ना बंद की जाए। 18. सहायक लोको पायलट को एडिशनल एलाउंस दिया जाए।

रनिंग स्टाफ का कहना है कि वे ड्यूटी पर रहते हुए भी बिना भोजन के 36 घंटे तक काम कर रहे हैं। यह उनके समर्पण को दर्शाता है, लेकिन लंबे समय तक इस स्थिति को बनाए रखना मुश्किल होगा। यदि प्रशासन जल्द समाधान नहीं निकालता, तो आंदोलन और तेज हो सकता है।
रेलवे प्रशासन का कहना है कि वे कर्मचारियों की मांगों पर विचार कर रहे हैं और जल्द ही इस मुद्दे पर चर्चा होगी। अधिकारियों का कहना है कि ट्रेन संचालन पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा है और यात्रियों को किसी भी असुविधा का सामना नहीं करना पड़ा है।
हालांकि, कर्मचारी संघ ने चेतावनी दी है कि अगर उनकी मांगों को गंभीरता से नहीं लिया गया, तो वे आगे और कड़े कदम उठाने को मजबूर होंगे।















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