
दुर्गापुर : पश्चिम बंगाल उच्च माध्यमिक शिक्षा परिषद (WBCHSE) ने परीक्षा में अनुशासनहीनता एवं तकनीकी कदाचार को रोकने हेतु कड़े दिशा-निर्देश जारी किए हैं। हाल ही में संपन्न माध्यमिक परीक्षा के दौरान मोबाइल फोन के उपयोग से जुड़े कई मामले सामने आए, जिससे सबक लेते हुए उच्च माध्यमिक परीक्षा में सख्ती बढ़ाने का निर्णय लिया गया है। आगामी 3 मार्च से 18 मार्च तक आयोजित होने वाली इस परीक्षा में सभी परीक्षा केंद्रों पर मेटल डिटेक्टर की अनिवार्य व्यवस्था की जाएगी।
इस महत्त्वपूर्ण निर्णय की घोषणा 21 फरवरी को दुर्गापुर महकुमा शासक कार्यालय में आयोजित विशेष बैठक में की गई। बैठक में पश्चिम बर्धमान जिला उच्च माध्यमिक शिक्षा परिषद के संयुक्त समन्वयक कलीमुल हक ने स्पष्ट किया कि परीक्षा में अनुशासन बनाए रखने हेतु यह कदम उठाया गया है। बैठक में महकुमा शासक सौरव चट्टोपाध्याय, कार्यकारी मजिस्ट्रेट विश्वजीत घोष, दुर्गापुर नगर निगम की पूर्व मेयर परिषद सदस्य अंकीता चौधरी समेत पुलिस, दमकल, स्वास्थ्य, परिवहन विभाग के अधिकारी एवं विभिन्न विद्यालयों के शिक्षक-शिक्षिकाएँ उपस्थित रहे।

इस वर्ष दुर्गापुर महकुमा में कुल 6,949 परीक्षार्थी परीक्षा में शामिल होंगे, जिनमें 3,688 छात्राएँ एवं 3,261 छात्र होंगे। परीक्षा हेतु 9 प्रमुख एवं 24 उप-केंद्र निर्धारित किए गए हैं। सभी केंद्रों पर मेडिकल टीम की व्यवस्था की गई है ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके। पुलिस प्रशासन भी परीक्षा के दौरान सतर्क रहेगा, जिससे परीक्षार्थियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।

परीक्षा में पूर्ण पारदर्शिता सुनिश्चित करने हेतु परिषद द्वारा कई महत्वपूर्ण नियम लागू किए गए हैं—1. परीक्षा केंद्र में प्रवेश से पूर्व सभी परीक्षार्थियों की मेटल डिटेक्टर से जाँच की जाएगी।2. स्मार्टवॉच, ब्लूटूथ डिवाइस एवं किसी भी प्रकार के इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा।3. परीक्षा केंद्र में नियुक्त शिक्षक-शिक्षिकाओं को भी अपने मोबाइल फोन जमा करने होंगे।4. केवल केंद्र सचिव, केंद्र प्रभारी, वेन्यू सुपरवाइज़र एवं परिषद द्वारा नामित व्यक्ति ही परीक्षा केंद्र में मोबाइल फोन का उपयोग कर सकेंगे।5. परीक्षा प्रारंभ होने के पहले एक घंटे तक किसी भी परीक्षार्थी को शौचालय जाने की अनुमति नहीं होगी।6. यदि कोई परीक्षार्थी अनुशासनहीनता अथवा नियमों का उल्लंघन करते हुए पाया गया, तो उसकी उत्तरपुस्तिका तत्काल जब्त कर ली जाएगी एवं उसे अनुशासन समिति के समक्ष उपस्थित होकर स्पष्टीकरण देना होगा।7. संभावित अनुशासनहीनता के मामलों में परीक्षार्थी का परिणाम रोका भी जा सकता है।
उल्लंघन करने पर परीक्षार्थी को तीन वर्षों तक परीक्षा से वंचित रखा जाएगा। शिक्षा विभाग के अनुसार, यह सख्त कदम परीक्षा प्रणाली की शुचिता बनाए रखने हेतु आवश्यक है।















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