
दुर्गापुर : हुगली की चंदननगर निवासी और इवेंट मैनेजमेंट कंपनी की मैनेजर **सुतंद्रा चट्टोपाध्याय (26 वर्ष)** की रहस्यमयी मौत के मामले में आखिरकार मुख्य आरोपी **बाबलू यादव** पुलिस की गिरफ्त में आ गया। करीब 90 घंटे बाद उसे गुरुवार को दुर्गापुर के अंडाल से गिरफ्तार किया गया। शुक्रवार को पुलिस ने उसे दुर्गापुर अनुमंडल अदालत में पेश किया, जहां सात दिन की पुलिस रिमांड की मांग की गई।
कैसे पकड़ा गया आरोपी?
पुलिस के मुताबिक, स्क्रैप कारोबारी बाबलू यादव घटना के बाद से फरार था। उसकी तलाश में पुलिस लगातार छापेमारी कर रही थी। गुरुवार दोपहर आसनसोल-दुर्गापुर पुलिस कमिश्नरेट की खुफिया शाखा ने अंडाल से उसे गिरफ्तार कर लिया।

क्या हुआ था उस रात?
सोमवार रात 12 बजे, सुतंद्रा अपनी गाड़ी से बिहार के गया जा रही थी। वह एक पेट्रोल पंप पर रुकी थी, तभी एक सफेद एसयूवी उनकी गाड़ी का पीछा करने लगी। यह कार तेज रफ्तार में उनकी गाड़ी को बार-बार ओवरटेक कर रही थी। पानागढ़ के राइस मिल मोड़ पर सुतंद्रा की गाड़ी अनियंत्रित होकर पलट गई, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
सीसीटीवी फुटेज में बाबलू यादव की एसयूवी को पीछा करते हुए देखा गया। घटना के बाद बाबलू अपनी कार छोड़कर सहयात्रियों के साथ फरार हो गया।
बाबलू यादव का कबूलनामा
अदालत में पेशी के दौरान जब बाबलू से भागने का कारण पूछा गया, तो उसने कहा, “मैं घटना के बाद डर गया था, इसलिए भाग गया।”

पुलिस करेगी घटना का पुनर्निर्माण
आसनसोल-दुर्गापुर पुलिस कमिश्नरेट के डीसी (पूर्व) अभिषेक गुप्ता ने बताया कि पुलिस बाबलू यादव को घटना स्थल पर ले जाकर घटनाक्रम की सटीक जानकारी निकालेगी।
महिला सुरक्षा पर सवाल
इस घटना के बाद राज्यभर में महिला सुरक्षा को लेकर आक्रोश देखने को मिला। पुलिस पर आरोप है कि उन्होंने कार्रवाई में देरी की। विपक्ष ने भी इस मुद्दे को लेकर सरकार को घेरा।
अब पुलिस की जांच पर सबकी नजरें टिकी हैं कि आखिर उस रात सुतंद्रा की मौत हादसा थी या साजिश?















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