
आसनसोल : बाराबनी विधानसभा के अंतर्गत दोमहानी ग्राम पंचायत के शर्मा पाड़ा क्षेत्र में सरकारी भूमि पर अवैध कब्जे के विरुद्ध प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाते हुए कार्रवाई प्रारंभ कर दी है। स्थानीय भूमि एवं राजस्व कार्यालय (बीएलआरओ), पंचायत समिति अध्यक्ष असित सिंह सहित प्रशासनिक अधिकारियों की उपस्थिति में अवैध रूप से निर्मित बाउंड्री को ध्वस्त कर दिया गया। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि किसी भी परिस्थिति में सरकारी भूमि पर अवैध अतिक्रमण सहन नहीं किया जाएगा।
इस सरकारी भूमि पर स्वामित्व का दावा करने वाले दीपक यादव ने बताया कि उन्होंने उक्त भूमि को ₹1 लाख प्रति कट्ठा की दर से खरीदा था तथा अग्रिम रूप से ₹1 लाख का भुगतान भी कर चुके थे। भूमि पर बाउंड्री निर्माण का कार्य प्रगति पर था, किंतु प्रशासन द्वारा यह स्पष्ट किया गया कि यह भूमि सरकारी है और इसका क्रय-विक्रय पूर्णतः अवैध है। प्रशासन ने न केवल निर्माण कार्य पर रोक लगाई बल्कि इसे तत्काल हटाने का निर्देश भी दिया।

दीपक यादव ने इस संदर्भ में थाने में शिकायत दर्ज कराई, जिसमें मुन्ना बरनवाल और परिमल दे को भूमि विक्रय में संलिप्त बताया गया है। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि यदि उनके निर्माण को तोड़ा जाता है तो उन्हें पूर्व में भुगतान की गई राशि तथा निर्माण कार्य पर हुए खर्च की प्रतिपूर्ति की जाए।
जमीन माफियाओं पर प्रशासन की सख्ती
पंचायत समिति अध्यक्ष असित सिंह ने स्पष्ट किया कि बाराबनी विधानसभा क्षेत्र में किसी भी प्रकार के भूमि माफियाओं को पनपने नहीं दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रशासन अवैध अतिक्रमण के विरुद्ध कठोर कार्रवाई कर रहा है और आगे भी करेगा। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि किसी भी भूमि के क्रय से पूर्व उसकी विधिक स्थिति की भलीभांति जांच कर लें ताकि भविष्य में किसी प्रकार की समस्या उत्पन्न न हो।

आरोपों पर परिमल दे की सफाई
जब इस प्रकरण में परिमल दे से बात की गई तो उन्होंने किसी भी प्रकार की भूमि बिक्री के आरोपों को सिरे से नकार दिया। उनका कहना है कि उन्होंने यह भूमि एक मस्जिद कमेटी से क्रय की थी और उनके पास इस संबंध में वैध दस्तावेज उपलब्ध हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जिस बाउंड्री का निर्माण किया जा रहा था, वह उनके द्वारा नहीं किया जा रहा था, बल्कि कोई अन्य व्यक्ति इसे बना रहा था और उसे ही इसे हटाना होगा।
प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद शर्मा पाड़ा क्षेत्र में तनाव व्याप्त है। स्थानीय नागरिकों में भय और असमंजस की स्थिति बनी हुई है। प्रशासन अवैध अतिक्रमण हटाने की अपनी मुहिम को निरंतर जारी रखे हुए है, जिससे भविष्य में सरकारी भूमि पर कब्जे की घटनाओं पर अंकुश लगाया जा सके।















Users Today : 2
Users Yesterday : 23