
आसनसोल : स्वास्थ्य सेवा के अभिन्न अंग के रूप में कार्यरत आशा कर्मियों ने अपनी मांगों के समर्थन में एकजुट होकर जिला स्वास्थ्य अधिकारी के कार्यालय में ज्ञापन सौंपा। कल्याणपुर स्थित मुख्य स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय में प्रस्तुत इस ज्ञापन में उन्होंने न्यूनतम वेतन ₹15,000 निर्धारित करने, अतिरिक्त भत्तों की व्यवस्था करने तथा अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग उठाई।

इस अवसर पर संगठन की प्रमुख नेत्री उषा आचार्य ने कहा कि आशा कर्मी समाज के सबसे संवेदनशील तबके को स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करती हैं, किंतु न्यूनतम वेतन न मिलने के कारण उन्हें आर्थिक संकटों से जूझना पड़ता है। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि सरकार को शीघ्र ही आशा कर्मियों का वेतन ₹15,000 प्रतिमाह सुनिश्चित करना चाहिए। इसके अतिरिक्त, उन्हें साप्ताहिक अवकाश दिए जाने, प्रोविडेंट फंड (PF) और कर्मचारी राज्य बीमा (ESI) जैसी सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के दायरे में लाने की भी आवश्यकता है।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कुछ अधिकारी आशा कर्मियों के साथ अनुचित व्यवहार करते हैं, जिससे उन्हें मानसिक उत्पीड़न का सामना करना पड़ता है। संगठन ने इस प्रकार के व्यवहार पर सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि आशा कर्मियों को सरकारी मान्यता प्रदान की जानी चाहिए ताकि वे सरकारी कर्मचारियों के समान अधिकार व सुविधाएं प्राप्त कर सकें।
संगठन ने चेतावनी दी कि यदि सरकार उनकी मांगों को गंभीरता से नहीं लेती, तो वे आगामी दिनों में व्यापक आंदोलन के लिए बाध्य होंगी। उन्होंने कहा कि जब तक उन्हें समुचित वेतन और सुविधाएं प्राप्त नहीं होतीं, तब तक उनका संघर्ष जारी रहेगा।















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