
आसनसोल : आसनसोल रेलवे स्टेशन के समक्ष अवस्थित पार्किंग में मनमाने शुल्क वसूली का मामला प्रकाश में आया है। वाहन चालकों का आरोप है कि निर्धारित शुल्क से तीन गुना अधिक राशि वसूली जा रही है। इस अनियमितता ने यात्रियों में तीव्र आक्रोश उत्पन्न कर दिया है।

शुल्क निर्धारित कुछ, लिया जा रहा कुछ और
पार्किंग क्षेत्र में लगे बोर्ड पर “मां तारा इंटरप्राइजेज” के नाम से शुल्क दर्शाया गया है, जबकि जारी किए जा रहे टिकट “डीबीएल इंटरप्राइजेज” के नाम से हैं। इतना ही नहीं, टिकट पर शुल्क स्पष्ट रूप से अंकित न होकर, पेन से ₹30 लिख दिया जाता है, जबकि निर्धारित शुल्क केवल ₹10 से ₹12 घंटे हेतु तय है।

वाहन चालकों और पार्किंग कर्मियों के बीच तीखी बहस
इस अवैध वसूली के विरोध में वाहन चालकों और पार्किंग स्टाफ के मध्य कई बार विवाद की स्थिति उत्पन्न हो चुकी है। मोहम्मद जमालुद्दीन नामक एक चालक ने नाराजगी प्रकट करते हुए कहा, “हमसे जबरन निर्धारित दर से अधिक राशि ली जा रही है। हम केवल सरकारी दर के अनुरूप ही भुगतान करेंगे।”
पार्किंग कर्मचारी का अटपटा जवाब
जब पार्किंग टिकट काटने वाले कर्मी संजय से इस अव्यवस्था के विषय में पूछा गया, तो उसने असहायता व्यक्त करते हुए कहा, “हम केवल हमें मिले आदेशों का पालन कर रहे हैं।” इस बयान ने संदेह को और गहरा दिया कि आखिर ये आदेश किसका है?

रेलवे अधिकारियों की चुप्पी, जांच का दिया आश्वासन
मामले की गंभीरता को देखते हुए रेलवे अधिकारियों ने पार्किंग स्थल का निरीक्षण किया, किंतु स्पष्ट उत्तर देने से बचते रहे। हालांकि, उन्होंने जांच कर उचित कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है।
प्रशासन की उदासीनता या सुनियोजित ठगी?
स्टेशन परिसर में इस प्रकार की अवैध वसूली से यह संदेह उत्पन्न होता है कि क्या यह संपूर्ण मामला संगठित ठगी का हिस्सा है? रेलवे प्रशासन की निष्क्रियता से यात्रियों में रोष व्याप्त है। अब देखना यह होगा कि क्या इस अवैध उगाही पर कोई कठोर कदम उठाया जाता है या यह लूट यूं ही जारी रहेगी? यात्रियों ने अविलंब जांच कर दोषियों पर कठोर कार्रवाई की मांग की है।















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