
आसनसोल : झारखंड के मिहिजाम कांगोई मेन रोड पर हुए गोलीकांड में संलिप्त तीन युवकों को पुलिस ने धर-दबोचा है। गत 7 मार्च को दिनदहाड़े चलती बाइक से 45 वर्षीय विनय यादव पर पीछे से गोली दागी गई थी। गोली उनकी पसलियों में फंस गई थी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए थे। वर्तमान में विनय दुर्गापुर के एक अस्पताल में उपचाराधीन हैं। प्राथमिक जांच में यह मामला भूमि विवाद एवं आर्थिक लेन-देन से जुड़ा पाया गया है।
घटनास्थल से साक्ष्य एकत्र करने के बाद पुलिस ने इस कांड में संलिप्त शांतनु महतो (32), राहुल राज (18) और सुमित गुप्ता (20) को गिरफ्तार किया। पुलिस के समक्ष तीनों आरोपियों ने अपना अपराध स्वीकार करते हुए बताया कि विनय यादव, शांतनु से लिए गए ₹1.20 लाख रुपये का भुगतान नहीं कर रहा था। वहीं, राहुल के साथ भी विनय का व्यवहार अपमानजनक था। इसी कारण तीनों ने मिलकर षड्यंत्र रचा और उसे सबक सिखाने के लिए उस पर गोलियां चलाईं।

पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के पास से एक देसी कट्टा, दो मैगजीन, एक जिंदा कारतूस, मोबाइल फोन और पल्सर बाइक बरामद की है। जांच में यह भी सामने आया कि वारदात के बाद आरोपियों ने हथियार को एक नाबालिग आरोपी के नवनिर्मित मकान के समीप झाड़ियों में छिपा दिया था, जबकि फरारी के दौरान प्रयुक्त बाइक उसी मकान में खड़ी थी। वारदात के तुरंत बाद सुमित गुप्ता और राहुल राज अपने चेहरों को ढककर पल्सर बाइक से भाग निकले थे। उनकी यह हरकत क्षेत्र के सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई, जिसके आधार पर पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार किया।
गौरतलब है कि सुमित गुप्ता के विरुद्ध पहले से ही मिहिजाम थाने में आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज (10/2025) था। इसके अलावा, 30 जनवरी को हसिपहाड़ी रेलगेट के समीप कैटरिंग व्यवसाय से जुड़े 25 वर्षीय राहुल सिंह की गोली मारकर हत्या के मामले में वांछित गोविंद यादव (25) को भी पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, गोविंद मूल रूप से बिहार के जमुई जिले के मललेपुर का निवासी है, जबकि अस्थायी रूप से वह रूपनारायणपुर के हलुदकनाली इलाके में रह रहा था।

स्थानीय निवासियों ने झारखंड-बंगाल सीमा क्षेत्र को अपराधियों का सुरक्षित अड्डा बताते हुए पुलिस प्रशासन की निष्क्रियता पर गंभीर सवाल उठाए हैं। इससे पहले भी मिहिजाम शास्त्री नगर निवासी 40 वर्षीय नंदलाल यादव की उसके घर में घुसकर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। उस घटना में उसे तीन गोलियां लगी थीं, लेकिन अब तक पुलिस उसके हत्यारों तक नहीं पहुंच सकी है।
क्षेत्रवासियों का कहना है कि अपराधी इन दोनों राज्यों के बीच की सीमाओं का लाभ उठाकर वारदातों को अंजाम देकर आसानी से फरार हो जाते हैं। उन्होंने इस दहशतभरे माहौल से निजात पाने के लिए पुलिस प्रशासन से कठोर कार्रवाई करने की मांग की है।















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