
आसनसोल : पश्चिम बंगाल विधानसभा का बजट सत्र मंगलवार को एक बार फिर तीव्र राजनीतिक उथल-पुथल और विपक्ष के तीखे विरोध के कारण सुर्खियों में रहा। भाजपा विधायकों ने राज्य में सांप्रदायिक अशांति का मुद्दा उठाते हुए स्थगन प्रस्ताव पेश किया, जिसे विधानसभा अध्यक्ष बिमान बनर्जी ने अस्वीकार कर दिया। इस निर्णय से असंतुष्ट भाजपा के नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी समेत समस्त भाजपा विधायकों ने वॉकआउट कर विधानसभा परिसर में विरोध प्रदर्शन किया।

भाजपा ने राज्य में हो रही कथित सांप्रदायिक हिंसा को लेकर विस्तारपूर्वक चर्चा की मांग की थी, किंतु अध्यक्ष बिमान बनर्जी ने स्पष्ट किया कि इस विषय पर पूर्व में ही बहस संपन्न हो चुकी है, अतः पुनः चर्चा की आवश्यकता नहीं है। इस पर भाजपा विधायकों ने आक्रोश व्यक्त करते हुए सदन में जोरदार नारेबाजी आरंभ कर दी। विरोध के दौरान भाजपा सदस्यों ने कार्यवाही की प्रतियां फाड़ दीं, जिस पर अध्यक्ष ने गहरी नाराजगी प्रकट की और निर्देश जारी किया कि भविष्य में भाजपा विधायकों को कार्यवाही की प्रतियां प्रदान नहीं की जाएंगी।

इस निर्णय के विरोध में भाजपा विधायकों ने विधानसभा के बाहर आक्रामक प्रदर्शन किया। नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी ने सरकार पर विपक्ष को दबाने का आरोप लगाते हुए कहा कि तृणमूल कांग्रेस लोकतंत्र का हनन कर रही है और विपक्षी दलों की आवाज को दबाने का कुत्सित प्रयास कर रही है। उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष बिमान बनर्जी पर भी पक्षपात करने का गंभीर आरोप लगाया। इस प्रदर्शन में आसनसोल दक्षिण की भाजपा विधायक अग्निमित्रा पाल, कुल्टी के विधायक डॉ. अजय पोद्दार समेत अन्य भाजपा विधायकों ने भाग लिया और राज्य सरकार के विरुद्ध तीव्र नारेबाजी की।
वहीं, तृणमूल कांग्रेस ने भाजपा के इस प्रदर्शन को ‘राजनीतिक नौटंकी’ करार दिया। सत्तारूढ़ दल के प्रवक्ताओं ने भाजपा पर सदन की कार्यवाही बाधित करने तथा असंवैधानिक आचरण का आरोप लगाया। विधानसभा में सत्ता पक्ष और विपक्ष के मध्य यह टकराव आगामी बजट सत्र के दौरान भी जारी रहने की संभावना है, जिससे राज्य की राजनीति में तनाव और तीव्र होने की आशंका है।















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