
अंडाल : नजीराबाद क्षेत्र में स्वयं सहायता समूह की धनराशि में अनियमितता का गंभीर मामला सामने आया है। आरोप है कि समूह का नेतृत्व कर रही दो महिलाओं—अपर्णा दास और चांदनी खातून—ने ऋण की राशि में हेराफेरी कर सदस्यों के धन का दुरुपयोग किया। इस ठगी का शिकार हुई महिलाओं ने प्रशासनिक अधिकारियों से न्याय की गुहार लगाई है।

ऋण भुगतान के बावजूद बैंक में राशि जमा नहीं
सूत्रों के अनुसार, अंडाल बाजार स्थित नजीराबाद इलाके में कई स्वयं सहायता समूह संचालित होते हैं, जिनमें प्रत्येक समूह में लगभग दस महिलाएँ सदस्य होती हैं। समूहों से लिए गए ऋण का भुगतान नियमित रूप से किया गया, परंतु यह धनराशि बैंक में जमा नहीं कराई गई। बैंक से मिली जानकारी के बाद महिलाओं को इस अनियमितता की भनक लगी, जिससे समूह की सदस्यों में रोष व्याप्त हो गया।

बीडीओ कार्यालय में हुई बैठक
इस मामले को लेकर रविवार को अंडाल के बीडीओ देबंजन दत्ता और जिला परिषद कर्माध्यक्ष कालोबरन मंडल की अध्यक्षता में एक विशेष बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में पीड़ित महिलाओं ने आरोप लगाया कि अपर्णा दास और चांदनी खातून ने उनके विश्वास का दुरुपयोग कर उनके धन का गबन किया।
समूह की एक सदस्य अंजुम बेगम ने बताया, “हमने बैंक से ऋण लिया था और नियमित रूप से अपर्णा दास व चांदनी खातून को भुगतान करते रहे। हमें भरोसा था कि यह राशि बैंक में जमा कर दी जा रही है, लेकिन बैंक से पता चला कि धनराशि जमा ही नहीं हुई।” इसी तरह, एक अन्य सदस्य शबनम खातून ने कहा, “हम आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों से हैं। हमें इस तरह ठगकर हमारे अधिकारों का हनन किया गया है।”

प्रशासन की सख्त चेतावनी
बैठक के उपरांत जिला परिषद कर्माध्यक्ष कालोबरन मंडल ने स्पष्ट रूप से कहा कि पीड़ित महिलाओं को उनका धन वापस दिलाने के लिए सख्त कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि आरोप सिद्ध होते हैं, तो अपर्णा दास और चांदनी खातून पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने आगे कहा, “समूह की सदस्य आर्थिक रूप से कमजोर हैं। यदि उनके धन का हड़पना साबित होता है, तो दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। ऋण की राशि लौटाई जानी चाहिए।”
अगले शुक्रवार तक समाधान का आश्वासन
प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए अगले शुक्रवार तक इस समस्या का समाधान निकालने का प्रयास किया जाएगा। अधिकारियों ने संबंधित बैंकों से भी इस मामले की विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।
पीड़ित महिलाओं ने प्रशासन से न्याय की गुहार लगाते हुए मांग की है कि दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए और उनके ऋण की राशि उन्हें शीघ्र वापस दिलाई जाए। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस प्रकरण में कितनी तत्परता से कार्रवाई करता है और क्या पीड़ितों को न्याय मिल पाता है।















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