
बर्नपुर : भारतीय जनता पार्टी की ओर से बर्नपुर में ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। इस अवसर पर आसनसोल दक्षिण की विधायक अग्निमित्रा पाल, बिहार से आए भाजपा सांसद अशोक कुमार यादव समेत भाजपा के कई वरिष्ठ नेता, कार्यकर्ता एवं समर्थक उपस्थित रहे। कार्यक्रम में भाजपा नेताओं ने पश्चिम बंगाल में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) सरकार पर तीखा प्रहार किया और राज्य में व्याप्त भ्रष्टाचार व जनविरोधी नीतियों की आलोचना की।

ममता सरकार पर लगाया विभाजनकारी राजनीति का आरोप
विधायक अग्निमित्रा पाल ने अपने संबोधन में कहा कि बीते 15 वर्षों में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के नेतृत्व में बंगाल में विकास ठप पड़ा है। अब जब चुनाव करीब आ रहे हैं, तब टीएमसी जाति और भाषा के आधार पर लोगों को बांटने का प्रयास कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि हिंदीभाषी मतदाता भाजपा का समर्थन करते हैं, इसलिए सुनियोजित साजिश के तहत उनके नाम मतदाता सूची से हटाए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा, “यह भारत है, यहां कोई बाहरी नहीं है, लेकिन टीएमसी हिंदीभाषी लोगों को बाहरी करार देकर उनके अधिकारों का हनन कर रही है।” उन्होंने राज्य में व्याप्त भ्रष्टाचार, कुशासन एवं वोट बैंक की राजनीति पर भी निशाना साधा और कहा कि बंगाल को विकास की मुख्यधारा में लाने के लिए आगामी चुनाव में तृणमूल सरकार को उखाड़ फेंकना जरूरी है।
‘इंडिया गठबंधन’ पर हमला, भाजपा की नीतियों का गुणगान
अग्निमित्रा पाल ने विपक्षी दलों के ‘इंडिया गठबंधन’ को देश विरोधी बताते हुए कहा कि उनके घटक दल देश को टुकड़ों में बांटना चाहते हैं, जबकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भाजपा ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ की संकल्पना को साकार कर रही है।
‘राष्ट्रीय हितों को सर्वोपरि रखती है भाजपा’ – अशोक कुमार यादव
इस अवसर पर बिहार से आए भाजपा सांसद अशोक कुमार यादव ने कहा कि भाजपा एक राष्ट्रीय पार्टी है और ऐसे कार्यक्रम महज चुनावी लाभ के लिए नहीं बल्कि राष्ट्रीय एकता और अखंडता को मजबूत करने के लिए आयोजित किए जाते हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा निरंतर जनता के बीच जाकर उनके सरोकारों से अवगत होती है और उनके विकास हेतु प्रयासरत रहती है।
‘बिहार को अधिक बजट देना चुनावी रणनीति नहीं’
अशोक कुमार यादव से जब यह पूछा गया कि हालिया बजट में बिहार को अधिक वित्तीय सहायता मिलने का कारण आगामी चुनाव हैं तो उन्होंने इससे इनकार किया। उन्होंने कहा, “2005 से पहले बिहार में जंगलराज था। एनडीए की सरकार बनने के बाद बिहार को एक जर्जर आर्थिक स्थिति में विरासत में मिला था। ऐसे में बिहार को मजबूत करने के लिए केंद्र सरकार ने ज्यादा सहयोग किया।”
हालांकि, जब उनसे यह सवाल किया गया कि यदि बिहार में आर्थिक विकास हो रहा है, तो वहां के लगभग दो करोड़ लोग रोजगार के लिए अन्य राज्यों में पलायन करने को मजबूर क्यों हैं? इस पर उन्होंने स्वीकार किया कि बिहार के पूर्ण विकास में अभी समय लगेगा, लेकिन हालात पहले की तुलना में काफी बेहतर हो चुके हैं।

‘बिहार तेजी से बदल रहा है’
उन्होंने कहा कि बिहार में अब रोजगार के अवसर उपलब्ध हो रहे हैं, शिक्षकों की नियुक्तियां हो रही हैं और औद्योगिक निवेश भी बढ़ रहा है। उन्होंने विश्वास जताया कि भविष्य में बिहार के लोग रोजगार के लिए पलायन करने को मजबूर नहीं होंगे।
कार्यक्रम के अंत में भाजपा नेताओं ने केंद्र सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं पर प्रकाश डालते हुए जनता से अपील की कि वे बंगाल में भाजपा को मजबूत करें ताकि राज्य में सुशासन और पारदर्शिता स्थापित की जा सके।















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