
आसनसोल : आसनसोल बाउरी एवं अनुसूचित जाति समन्वय तथा उन्नयन समिति के तत्वावधान में रविवार को कल्याणपुर स्थित सुगम मैरेज हॉल में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस अवसर पर राज्य के कानून एवं श्रम मंत्री मलय घटक मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहे।
आदिवासी बहुल क्षेत्रों के लिए आवश्यक अधोसंरचना पर बल
मंत्री मलय घटक ने अपने संबोधन में आदिवासी बहुल क्षेत्रों में मूलभूत सुविधाओं के अभाव को रेखांकित करते हुए, उनके उन्नयन हेतु ठोस प्रयासों की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि प्रथम दृष्टया कुछ विकास योजनाएं छोटी प्रतीत हो सकती हैं, किंतु इनका सामाजिक प्रभाव दीर्घकालिक एवं व्यापक होता है। उन्होंने विशेष रूप से सुलभ शौचालयों के निर्माण को आवश्यक बताते हुए कहा कि पूर्व में जब क्षेत्र वनाच्छादित थे, तब महिलाओं को शौच संबंधी असुविधा नहीं होती थी, किंतु वर्तमान में शहरीकरण एवं बस्तियों के विस्तार के कारण यह एक गंभीर समस्या बन गई है।

मंत्री ने आदिवासी मोहल्लों में सुलभ शौचालयों के निर्माण के साथ-साथ पर्याप्त स्ट्रीट लाइट एवं सामुदायिक भवन (कम्युनिटी हॉल) की स्थापना पर भी बल दिया। उन्होंने कहा कि इन मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता से स्थानीय निवासियों को अत्यंत लाभ होगा तथा सामाजिक जीवन की गुणवत्ता में सुधार आएगा।

राजनीतिक परिप्रेक्ष्य एवं आरोप-प्रत्यारोप
अपने संबोधन में मलय घटक ने पूर्ववर्ती वामपंथी शासन की आलोचना करते हुए कहा कि यद्यपि वाम दल स्वयं को गरीबों का हितैषी बताते थे, किंतु उनकी नीतियां केवल संपन्न वर्गों को लाभ पहुंचाने तक सीमित थीं। इसके साथ ही, उन्होंने भारतीय जनता पार्टी पर धर्म के आधार पर समाज को विभाजित करने का आरोप लगाया।

विशिष्ट जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति
बैठक में जिला परिषद अध्यक्ष विश्वनाथ बाउरी, बोरो चेयरमैन अनिमेष दास, पार्षद अर्जुन माझी, परितोष दास, अनूप माझी एवं परिमल रूईदास समेत कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। बैठक के दौरान अनुसूचित जाति एवं आदिवासी समुदायों के सशक्तिकरण एवं विकास की दिशा में ठोस कदम उठाने पर विस्तार से चर्चा की गई।















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