
आसनसोल : वित्तीय वर्ष के प्रथम दिवस पर आसनसोल की धरती तंदूर बनी हुई प्रतीत हो रही है। सूर्यदेव के प्रचंड प्रकोप के चलते तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया है, जिससे संपूर्ण नगरवासियों में व्याकुलता व्याप्त हो गई है। चिलचिलाती धूप एवं प्रचंड लू के प्रभाव से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है।
तेज धूप एवं असहनीय ऊष्मा के कारण नगरवासी प्यास बुझाने हेतु नींबू पानी, नारियल जल, गन्ने के रस एवं ठंडे शरबत की खोज में जुटे हुए हैं। मुख्य बाजारों एवं चौक-चौराहों पर शीतल पेय पदार्थों की दुकानों के बाहर भारी भीड़ देखी जा रही है। थाने एवं चौकसी स्थलों पर तैनात पुलिसकर्मी भीषण गर्मी के चलते लगातार पसीने से तरबतर हो रहे हैं तथा राहत पाने हेतु जल एवं ताजे फलों के रस का सेवन कर रहे हैं।

भीषण ग्रीष्म लहर के कारण नगरवासी दोपहर के समय घरों से बाहर निकलने में संकोच कर रहे हैं। अनिवार्य कार्यों हेतु बाहर जाने वाले लोग छायादार वृक्षों, बस स्टैंड एवं दुकानों के छज्जों तले शरण लेने को विवश हो रहे हैं। क्षेत्रीय नागरिकों ने नगर निगम से विभिन्न सार्वजनिक स्थलों पर शुद्ध एवं शीतल जल की व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है।

विद्यालयगामी छात्र-छात्राओं की स्थिति अत्यंत दयनीय बनी हुई है। तीव्र तपिश से बचाव हेतु बच्चे सिर पर गमछा एवं रूमाल बांधकर विद्यालय जाने को विवश हैं। अभिभावकों ने विद्यालय प्रशासन से कक्षाओं के समय-सारिणी में परिवर्तन की मांग करते हुए विद्यालयीय अवकाश को यथासंभव पूर्वाह्न में समाप्त करने का आग्रह किया है।

चिकित्सकों ने गर्मी से बचाव हेतु अधिक मात्रा में शुद्ध जल, छाछ, शिकंजी एवं ग्लूकोज युक्त पेय पदार्थों का सेवन करने की सलाह दी है। साथ ही कार्बोनेटेड पेय पदार्थों (कोल्ड ड्रिंक) से दूरी बनाए रखने का परामर्श दिया है, क्योंकि ये स्वास्थ्य के लिए अत्यंत हानिकारक हैं। हल्के एवं ढीले सूती वस्त्र धारण करने से भीषण गर्मी से राहत मिल सकती है।
















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