
आसनसोल : शहर की सड़कों और फुटपाथों पर अनियंत्रित अतिक्रमण की समस्या भयावह रूप ले चुकी है, किंतु नगर निगम प्रशासन निश्चिंत मुद्रा में बना हुआ है। फुटपाथों पर पसरे अवैध कब्जों ने राहगीरों के आवागमन को बाधित कर दिया है, वहीं मुख्य बाजारों में व्याप्त अव्यवस्था ने व्यवसायियों को गंभीर आर्थिक संकट की ओर धकेल दिया है।

बाजारों में अव्यवस्था, व्यवसाय पर संकट
आसनसोल चैंबर ऑफ कॉमर्स के सचिव शंभूनाथ झा के अनुसार, शहर की सड़कों पर अतिक्रमण इतना गहराया है कि पैदल चलना तक दूभर हो गया है। स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि नगर निगम की निष्क्रियता इस समस्या को और विकराल बना रही है। एक स्थानीय निवासी ने रोष प्रकट करते हुए कहा, “सड़कों पर बेतरतीब ढंग से पसरे अतिक्रमण के कारण यातायात बाधित हो रहा है, बाजार जाना एक चुनौती बन गया है।”
व्यवसायियों की स्थिति भी दयनीय होती जा रही है। एक दुकानदार ने कहा, “ग्राहक बाजार में प्रवेश करने से कतराने लगे हैं, जिससे व्यापार बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। अगर स्थिति नहीं सुधरी, तो हमें मजबूरन अपनी दुकानें बंद करनी पड़ेंगी।”

शहरवासियों का बढ़ता आक्रोश
शहर की बिगड़ती दशा से आहत नागरिकों का आक्रोश चरम पर पहुंच चुका है। वरिष्ठ नागरिकों ने नगर निगम पर अकर्मण्यता का आरोप लगाते हुए कहा कि प्रशासनिक निष्क्रियता ने आसनसोल को अराजकता की ओर धकेल दिया है। सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं स्थानीय व्यापारियों ने नगर निगम को चेतावनी दी कि यदि शीघ्र ही अतिक्रमण हटाने की दिशा में ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो वे सामूहिक विरोध प्रदर्शन के लिए बाध्य होंगे।

नगर निगम की चुप्पी, जनता में असंतोष
नगर निगम प्रशासन की ओर से अभी तक इस गंभीर समस्या पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। चैंबर ऑफ कॉमर्स के सचिव ने प्रशासन से तत्काल अतिक्रमण हटाने हेतु कठोर अभियान चलाने की मांग की है। नागरिकों का कहना है कि यदि नगर निगम अपनी उदासीनता नहीं त्यागता, तो जनाक्रोश सड़कों पर उतरकर प्रशासन को जवाबदेह बनाने के लिए विवश होगा।















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