
आसनसोल : शिक्षा में बढ़ते भ्रष्टाचार, निजीकरण, रोजगार संकट और आर जिकर कांड में न्याय की मांग को लेकर सोशलिस्ट यूनिटी सेंटर ऑफ़ इंडिया (SUCI) के नेतृत्व में गुरुवार को “कानून तोड़ो आंदोलन” के तहत उग्र प्रदर्शन किया गया। आंदोलनकारियों ने आसनसोल एसडीओ कार्यालय का घेराव कर सरकार की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ आक्रोश प्रकट किया।

शिक्षा के निजीकरण के विरुद्ध रोष
प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे SUCI के वरिष्ठ नेता बबला भट्टाचार्य ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकारों की शिक्षा नीति पूरी तरह पूंजीवाद के पक्ष में झुक चुकी है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकारी संस्थानों का ह्रास कर शिक्षा प्रणाली को निजी हाथों में सौंपा जा रहा है। इससे उच्च शिक्षा केवल संपन्न वर्ग के लिए सुलभ रह गई है, जबकि गरीब और मध्यम वर्ग के छात्रों के लिए यह कठिन होती जा रही है।

आर जिकर कांड में न्याय की मांग
प्रदर्शनकारियों ने आर जिकर कांड में अब तक न्याय न मिलने को सरकारी तंत्र की असफलता करार दिया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार और केंद्र सरकार केवल एक-दूसरे पर दोषारोपण कर रही हैं, जबकि सीबीआई की जांच प्रक्रिया भी विलंबग्रस्त है। संगठन ने पीड़ितों को त्वरित न्याय दिलाने की मांग की।

निजीकरण व बेरोजगारी के खिलाफ आक्रोश
SUCI नेताओं ने आरोप लगाया कि निजीकरण की आड़ में सरकारें स्थायी रोजगार को समाप्त कर रही हैं, जिससे लाखों युवाओं का भविष्य अंधकारमय हो गया है। सरकारी नौकरियों में कटौती और निजीकरण से मजदूर वर्ग आर्थिक असुरक्षा से जूझ रहा है।

प्रशासन को सौंपा ज्ञापन
प्रदर्शनकारियों ने अपनी मांगों को लेकर एसडीओ कार्यालय को ज्ञापन सौंपा और सरकार से इन समस्याओं का त्वरित समाधान करने की अपील की। SUCI ने चेतावनी दी कि यदि इन मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं की गई, तो आंदोलन और तेज़ किया जाएगा।














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