
पानागढ़ : सर्वोच्च न्यायालय द्वारा वर्ष 2016 के एसएससी नियुक्ति पैनल को पूर्णतया निरस्त कर देने के निर्णय के पश्चात राज्य में राजनीतिक उथल-पुथल का वातावरण गहरा गया है। इस निर्णय से प्रभावित लगभग 26,000 अभ्यर्थियों की सेवाएं समाप्त हो गई हैं, जिसके विरुद्ध भारतीय जनता पार्टी ने तीव्र आक्रोश प्रकट करते हुए पानागढ़-मोरग्राम राज्य मार्ग पर सशक्त विरोध प्रदर्शन किया।

इस सड़क अवरोधन आंदोलन के परिणामस्वरूप राज्य की एक महत्वपूर्ण यातायात धारा अवरुद्ध हो गई, जिससे आम नागरिकों को यातायात में भारी असुविधा का सामना करना पड़ा। इस विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व भारतीय जनता पार्टी बर्दवान संगठनात्मक जिला के उपाध्यक्ष रमन शर्मा ने किया।

प्रदर्शन के दौरान श्री शर्मा ने राज्य सरकार तथा विशेष रूप से मुख्यमंत्री पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि, “पश्चिम बंगाल में हजारों युवाओं को रिश्वत आधारित प्रक्रिया द्वारा नौकरी दी गई। परंतु यह अत्यंत दुर्भाग्यजनक है कि जिन अभ्यर्थियों ने पूरी योग्यता और पात्रता के साथ नियुक्ति प्राप्त की थी, उन्हें भी इस निर्णय की आड़ में बलि का बकरा बना दिया गया। यह अन्यायपूर्ण है।”

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने न्यायालय में सत्य तथ्यों तथा आवश्यक दस्तावेजों को प्रस्तुत नहीं किया, जिसके कारण न्यायालय को यह कठोर निर्णय लेना पड़ा। उन्होंने मुख्यमंत्री को ‘मुख्य अपराधी’ की संज्ञा देते हुए कहा, “राज्य की जनता को धोखा देनेवाले असली चोर मुख्यमंत्री स्वयं हैं। हम उनके तत्काल इस्तीफे की माँग करते हैं और इसके लिए सड़कों पर उतरने को बाध्य हुए हैं।”

भारतीय जनता पार्टी ने यह भी संकेत दिया कि यदि पीड़ित अभ्यर्थियों को न्याय नहीं मिला, तो राज्यव्यापी जनांदोलन छेड़ा जाएगा। प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में कार्यकर्ता एवं स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे तथा प्रशासनिक हलकों में भी इस विरोध को लेकर हलचल व्याप्त रही।














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