
आसनसोल : नगर के सिटी बस टर्मिनस पर रविवार को उस समय अफरा-तफरी की स्थिति उत्पन्न हो गई, जब झारखंड के जामताड़ा जनपद की एक नवयुवती संदिग्ध अवस्था में उद्देश्यविहीन रूप से इधर-उधर भटकती पाई गई। उपस्थित जनसमूह में जिज्ञासा और चिंता का संचार होते ही आईएनटीटीयूसी के सक्रिय पदाधिकारी राजू अहलूवालिया की दृष्टि जब युवती पर पड़ी, तो उन्होंने तत्काल स्थिति की गंभीरता को भाँपते हुए दक्षिण थाना को सूचित किया।

पुलिस बल के त्वरित हस्तक्षेप के उपरांत युवती को संरक्षित करते हुए पूछताछ आरंभ की गई। प्रारंभिक संवाद के अनुसार, उक्त युवती पारिवारिक मतभेदों के कारण जामताड़ा स्थित अपने निवास स्थान को त्यागकर रोजगार की खोज में आसनसोल आ पहुँची थी। उसने यह भी बताया कि उसके माता-पिता का देहांत हो चुका है तथा वह अपने चाचा के संरक्षण में रह रही थी।

राजू अहलूवालिया ने बताया, “युवती मानसिक रूप से अत्यंत विचलित प्रतीत हो रही थी तथा निरुद्देश्य रूप से बस स्टैंड परिसर में विचरण कर रही थी। जनसामान्य की सुरक्षा तथा युवती की मानवीय रक्षा को दृष्टिगत रखते हुए हमने शीघ्र पुलिस को अवगत कराया।”

दक्षिण थाना के प्रभारी अधिकारी ने जानकारी दी कि युवती को महिला सुरक्षाकर्मियों की निगरानी में रखा गया है तथा उसके परिजनों से संपर्क की प्रक्रिया प्रगति पर है। उन्होंने कहा, “युवती अत्यधिक भावनात्मक अस्थिरता में है, तथापि हमारी प्राथमिकता उसकी सम्पूर्ण सुरक्षा सुनिश्चित करना है।”
इस समूची घटना के पश्चात् स्थानीय जनों में राजू अहलूवालिया की त्वरित संवेदनशीलता की सराहना की जा रही है। एक नागरिक ने कहा, “यदि समय रहते उन्होंने संज्ञान न लिया होता, तो स्थिति गंभीर हो सकती थी।”

यह प्रसंग पुनः इंगित करता है कि पारिवारिक विघटन और संवादहीनता आज के युवाओं को मानसिक द्वंद्व की ओर अग्रसर कर रही है। पुलिस अब मामले की तह तक पहुँचने के प्रयास में जुटी है।














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