
आसनसोल : पश्चिम बर्दवान जिले के आसनसोल फास्ट ट्रैक कोर्ट ने शुक्रवार को एक सनसनीखेज हत्याकांड में ऐतिहासिक फैसला सुनाया। अदालत ने एक युवक की दिनदहाड़े बेरहमी से हत्या करने के दोषी मोहम्मद अली उर्फ सनु को उम्रकैद की सजा सुनाई। घटना 18 जनवरी 2022 की सुबह हीरापुर थाना क्षेत्र के बर्नपुर स्थित रहमतनगर, चर्बीमहल्ला में हुई थी, जब फजल इमाम नामक युवक को उसके पड़ोसी सनु ने चाकू मारकर मौत के घाट उतार दिया।

इस दिल दहला देने वाली घटना के चश्मदीद खुद मृतक की मां महेजबीन खातून थीं। उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी कि उनके सामने ही आरोपी ने पहले फजल के पेट में चाकू मारा और फिर गला काटकर उसकी हत्या कर दी। हत्या के बाद आरोपी राहगीरों को धमकाते हुए एक स्कूटी लेकर फरार हो गया। गंभीर रूप से घायल फजल को अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

इस मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट के न्यायाधीश संजीत अंबस्ता ने की। अभियोजन पक्ष की ओर से सरकारी वकील बिनयानंद चट्टोपाध्याय ने केस की पैरवी करते हुए 22 गवाहों को पेश किया, जिनमें प्रत्यक्षदर्शी और चिकित्सक भी शामिल थे। मजिस्ट्रेट के समक्ष तीन प्रमुख गवाहों ने गोपनीय बयान दर्ज कराए।

जांच अधिकारी गोपाल पात्रा ने निर्धारित समय में चार्जशीट दाखिल की, जिससे आरोपी को जमानत नहीं मिल सकी। अदालत ने आरोपी को भारतीय दंड संहिता की धारा 302 के तहत आजीवन कारावास तथा धारा 324 के तहत एक वर्ष की अतिरिक्त सजा सुनाई।
फैसला सुनाए जाने के दौरान कोर्ट में मौजूद फजल की मां महेजबीन खातून ने कहा, “मेरे बेटे की हत्या मेरी आंखों के सामने हुई। अब न्याय मिलने से दिल को थोड़ी शांति मिली है।”

सरकारी वकील ने इसे त्वरित न्याय की मिसाल बताते हुए कहा, “दो साल से कम समय में यह मामला निपटा, जो न्यायिक प्रणाली की दक्षता दर्शाता है।”
यह फैसला न केवल पीड़ित परिवार के लिए न्याय की जीत है, बल्कि समाज के लिए भी एक कड़ा संदेश देता है कि अपराध का अंजाम निश्चित है।














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