
आसनसोल : चित्तरंजन नगर के प्रवेश द्वार संख्या तीन के निकट प्रातः से ही मधुमक्खियों के अकारण और निरंतर आक्रमण से राहगीरों में त्राहिमाम मच गया। इस अप्रत्याशित घटना में अब तक छह व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो चुके हैं, जिन्हें चित्तरंजन केजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। सभी पीड़ितों की स्थिति अत्यंत चिंताजनक बताई जा रही है, जिनमें एक को गहन चिकित्सा कक्ष (आईसीयू) में विशेष देखरेख में रखा गया है, जबकि एक अन्य को और अधिक उन्नत चिकित्सा सुविधा हेतु चित्तरंजन से बाहर स्थानांतरित किया जा रहा है।

घटना प्रातः 11 बजे के लगभग घटित हुई जब तीन नंबर गेट क्षेत्र से गुजरते राहगीरों पर मधुमक्खियों ने अचानक धावा बोल दिया। इस हमले की तीव्रता इतनी अधिक थी कि अनेक लोग मार्ग पर ही तड़पने लगे। रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) और स्थानीय नागरिकों की तत्परता से उन्हें तत्काल अस्पताल पहुँचाया गया।

दोपहर बाद मधुमक्खियों की सक्रियता में थोड़ी कमी अवश्य आई, किंतु लगभग 1:30 बजे पुनः इसी क्षेत्र में आक्रोशित मधुमक्खियों ने आमजन को अपना निशाना बनाया। इस बार शिकार बने अमलाडाही बाज़ार के प्रतिष्ठित व्यवसायी एवं ‘स्वस्तिक घड़ी घर’ के स्वामी श्री सुशील दास, जो अपने दुकान बंद कर कल्याणग्राम स्थित अपने निवास लौट रहे थे। आक्रमण की विभीषिका इतनी तीव्र थी कि प्रारंभ में कोई भी व्यक्ति उन्हें बचाने का साहस नहीं जुटा सका।

कुछ समय तक वे असहाय अवस्था में डंक सहते रहे, अंततः सामाजिक कार्यकर्ता एवं छात्र नेता मिथुन मंडल ने साहस दिखाते हुए अन्य लोगों की सहायता से उन्हें किसी प्रकार अस्पताल पहुँचाया। चिकित्सकों ने तत्परता से उनके शरीर से मधुमक्खियों के डंक निकालने का प्रयास आरंभ कर दिया, किंतु सिर, मुख और शरीर के अन्य भागों में डंक की बहुलता के कारण स्थिति अत्यंत जटिल बनी हुई है।

इस अप्रत्याशित और भयावह घटना से चित्तरंजन क्षेत्र में हड़कंप मचा हुआ है। प्रशासन ने क्षेत्रवासियों से सतर्क रहने की अपील की है।














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