

बांकुड़ा : पश्चिम बंगाल के बांकुड़ा से तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के सांसद अरूप चक्रवर्ती का पुलिस के प्रति गुस्सा एक जनसभा में खुलकर सामने आ गया। तालडांगरा थाना क्षेत्र के बिबारदा इलाके में आयोजित मतदाता सूची पुनरीक्षण शिविर के दौरान उन्होंने पुलिस प्रशासन के खिलाफ तीखा बयान दिया, जिससे राजनीतिक माहौल गरमा गया है।
कार्यक्रम में बोलते हुए सांसद ने कहा, “तालडांगरा थाने के आईसी (पुलिस अधिकारी) में इतना घमंड है कि उन्हें यह भी शर्म नहीं आती कि मैं उनके क्षेत्र में मौजूद हूं। वे जनता की सेवा नहीं, बल्कि अपनी कमाई के लिए जमीन पर उतरते हैं। ऐसे अधिकारियों पर नजर रखनी होगी।” उन्होंने समर्थकों से कहा कि वे पुलिस पर भरोसा करने के बजाय पार्टी नेतृत्व पर विश्वास रखें।
सांसद यहीं नहीं रुके। उन्होंने कहा कि थाने की पुलिस न तो बैठक की जानकारी देती है और न ही आयोजनों में उनकी मदद करती है। “जंगलमहल जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में काम करने वाले अधिकारियों में शिष्टाचार तक नहीं है,” उन्होंने कहा। सांसद के इस बयान से जहां टीएमसी के भीतर असंतोष और आंतरिक टकराव की अटकलें तेज हो गई हैं, वहीं विपक्षी भाजपा ने इस मौके को भुनाने में कोई देर नहीं की।

भाजपा के स्थानीय नेता बिपट्टरन सेन ने सांसद के बयान को हाथों-हाथ लेते हुए कहा कि तृणमूल सांसद ने अप्रत्यक्ष रूप से यह स्वीकार कर लिया है कि पुलिस प्रशासन तृणमूल कांग्रेस के लिए काम कर रहा है, न कि आम जनता के लिए। उन्होंने तंज कसते हुए कहा, “सांसद को जबरन वसूली में हिस्सा नहीं मिल रहा, इसलिए वे आज पुलिस पर भड़ास निकाल रहे हैं। उन्होंने खुद मान लिया कि आईसी स्तर तक की जबरन वसूली में पार्टी का दखल है।”

भाजपा नेता ने आरोप लगाया कि तृणमूल कांग्रेस की सरकार में पुलिस निष्पक्षता खो चुकी है और राजनीतिक दबाव में काम कर रही है। उन्होंने यह भी कहा कि यह बयान पूरे राज्य में व्याप्त भ्रष्टाचार की पोल खोलने के लिए काफी है।

फिलहाल, तृणमूल कांग्रेस की ओर से इस मुद्दे पर कोई आधिकारिक सफाई नहीं आई है, लेकिन अंदरखाने हलचल जरूर तेज हो गई है। पुलिस विभाग की भी इस मसले पर प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, पर राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि यह प्रकरण तृणमूल के लिए लोकसभा चुनावों से ठीक पहले बड़ी परेशानी खड़ी कर सकता है।














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