

दुर्गापुर : लोकसभा चुनावों में बर्धमान-दुर्गापुर संसदीय क्षेत्र से त्रिणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार कीर्ति आजाद और भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता दिलीप घोष के मध्य चुनावी संघर्ष बेहद कड़ा एवं प्रतिस्पर्धात्मक रहा। अंततः कीर्ति आजाद ने इस सीट पर विजय प्राप्त की, किंतु राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता को दरकिनार करते हुए उन्होंने अपने प्रतिद्वंद्वी दिलीप घोष के विवाह के शुभ अवसर पर हर्षोल्लास के साथ शुभकामनाएं प्रकट कीं।
दिलीप घोष के कोलकाता स्थित न्यूटाउन निवास पर श्रीमती रिंकू मजूमदार संग विवाह बंधन में बंधने के समाचार मिलते ही, सांसद कीर्ति आजाद का आनंदित स्वरूप देखने को मिला। उन्होंने ‘मेरे यार की शादी है’ गीत पर संगीत व नृत्य द्वारा अपनी प्रसन्नता व्यक्त की और कार्यकर्ताओं संग मिष्ठान्न वितरण भी किया। उन्होंने कहा, “यह क्षण केवल व्यक्तिगत नहीं, बल्कि सामाजिक सौहार्द का प्रतीक है। राजनीति अपनी जगह है, परंतु विवाह एक संस्कारिक उत्सव है, जिसे हमें हृदय से स्वीकार करना चाहिए।”

इस अवसर पर तृणमूल कांग्रेस के अन्य कार्यकर्ता एवं स्थानीय नेता भी कीर्ति आजाद के साथ इस हर्षोल्लास में सम्मिलित हुए। उन्होंने सभी को चाय पिलाई, मिठाई खिलाई और दिलीप घोष तथा उनकी नवविवाहित पत्नी को हार्दिक शुभकामनाएं दीं।
चुनाव के दौरान भले ही दोनों नेताओं के मध्य कड़ी बयानबाज़ी देखने को मिली, परंतु व्यक्तिगत आक्षेपों से दोनों ने स्वयं को अलग रखा, जो राजनीतिक शिष्टाचार का परिचायक है।

कीर्ति आजाद ने कहा, “हमारे बीच विचारधाराओं का अंतर है, परंतु मानवता की भावना सर्वोपरि है। मैं दिलीप दा और हमारी नई भाभी को उनके वैवाहिक जीवन की शुभ शुरुआत पर बधाई देता हूं। मैं आशा करता हूं कि अब वे ‘जय सियाराम’ भी कहेंगे।”

यह घटना राजनीतिक शिष्टाचार एवं मानवीय मूल्यों का सुंदर उदाहरण बनकर सामने आई है, जो लोकतंत्र में सौहार्द की आवश्यकता को रेखांकित करती है।














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