

आसनसोल : बढ़ती भीषण गर्मी और तेज धूप हृदय रोगियों के लिए घातक सिद्ध हो सकती है। ऐसे में दिल के मरीजों को अत्यंत सतर्कता बरतने की आवश्यकता है। उक्त चेतावनी आसनसोल के प्रख्यात हृदय रोग विशेषज्ञ एमडी डीएम कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. अनुराग गुप्ता ने शनिवार को पत्रकारों से संवाद के दौरान दी।
डॉ. गुप्ता ने बताया कि वर्तमान में अत्यधिक तापमान हृदय पर प्रतिकूल प्रभाव डाल रहा है। गर्मी में शरीर का तापमान नियंत्रित रखने के लिए अधिक पसीना निकलता है, जिससे जल की हानि होती है। यदि शरीर स्वयं को शीतल रखने में विफल रहता है, तो हृदय को रक्त संचार हेतु अधिक परिश्रम करना पड़ता है, जो दिल के रोगियों के लिए अत्यंत जोखिमपूर्ण हो सकता है।

उन्होंने सलाह दी कि हृदय रोगियों को इस मौसम में प्रचुर मात्रा में तरल पदार्थों का सेवन करना चाहिए, जैसे कि स्वच्छ पानी, नारियल जल, नींबू पानी एवं ताजे फलों का रस। इसके अतिरिक्त, दोपहर के समय, जब सूर्य की किरणें सर्वाधिक तीव्र होती हैं, उस दौरान घर से बाहर निकलने से यथासंभव परहेज़ करना चाहिए।

यदि बाहर जाना अपरिहार्य हो, तो सिर ढकने हेतु छाता, टोपी अथवा स्कार्फ का प्रयोग करें, साथ ही धूप के चश्मे का भी उपयोग करें। गर्मी में हल्के, सूती और खुले वस्त्र पहनना लाभकारी होता है। आहार में भी परिवर्तन अनिवार्य है। अत्यधिक तैलीय, मसालेदार एवं गरिष्ठ भोजन से परहेज़ करते हुए पौष्टिक एवं सुपाच्य आहार ग्रहण करना श्रेयस्कर है।

डॉ. गुप्ता ने आगाह किया कि यदि सिरदर्द, चक्कर आना, अत्यधिक पसीना आना, सांस फूलना अथवा कमजोरी जैसी लक्षण प्रतीत हों, तो विलंब किए बिना तुरन्त किसी योग्य हृदय रोग विशेषज्ञ से परामर्श लें। उन्होंने कहा कि सतर्कता एवं समय पर उपचार से गंभीर परिणामों से बचा जा सकता है।














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