

दुर्गापुर : दक्षिण भारत के चेननई से आए एक संगठित अपराधी गिरोह के तीन सदस्य दुर्गापुर में चोरी की वारदातों को अंजाम देने के बाद पुलिस के हत्थे चढ़ गए। यह गिरोह पिछले कई वर्षों से दुर्गापुर शहर के विभिन्न इलाकों से कंप्यूटर, लैपटॉप और महंगे मोबाइल फोन चुराकर चेननई लौट जाता था। हाल ही में, कॉक ओवेन थाना पुलिस ने इस गिरोह के तीन अपराधियों को गिरफ्तार कर बड़ी सफलता प्राप्त की है।
पुलिस की जांच में सामने आया कि यह गिरोह लिलुआ बांध क्षेत्र में एक घर किराए पर लेकर रहता था। गिरोह का एक सदस्य बोबा का अभिनय कर लोगों से मदद मांगता था और उन घरों की पहचान करता था जहां छात्र-छात्राएं कंप्यूटर या लैपटॉप का उपयोग करते थे। उसके बाद, गिरोह के सदस्य रात के समय इन घरों में घुसकर चोरी की वारदात को अंजाम देते थे।

पुलिस को इन चोरी की घटनाओं की सूचना मिलने पर कड़ी कार्रवाई शुरू की गई। रविवार रात पुलिस ने लिलुआ बांध क्षेत्र में स्थित इस घर पर छापा मारा और तीन अपराधियों को गिरफ्तार किया। पुलिस ने उनके पास से 3 लैपटॉप और 34 मोबाइल फोन बरामद किए। गिरफ्तार अपराधियों में कुमार अप्पाराव (24), जी कुमार (24) और पी बालाजी (22) शामिल हैं, जो तमिलनाडु के वेल्लोर जिले के निवासी हैं।

पुलिस के मुताबिक, यह गिरोह हर साल चेननई से दुर्गापुर आता था और चुराए गए सामान को चेननई में बेच देता था। गिरफ्तार अपराधियों से पूछताछ के बाद पुलिस ने पाया कि इस गिरोह ने बांकुड़ा, विष्णुपुर और पूर्व बर्धमान के विभिन्न इलाकों में भी इसी तरह की वारदातें की हैं।

पुलिस अब यह जानने के प्रयास में है कि इस गिरोह के और कौन से सदस्य शामिल हैं। गिरफ्तार तीनों आरोपियों को 10 दिनों के पुलिस रिमांड पर भेजने के लिए दुर्गापुर न्यायालय में पेश किया जाएगा।














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