

अंडाल : अंडाल थाना अंतर्गत काजोड़ा ग्राम में भूमि स्वामित्व को लेकर उत्पन्न विवाद ने शुक्रवार को उग्र रूप धारण कर लिया। आरोप है कि वैध भूमि स्वामियों द्वारा अवैध निर्माण को रोकने पर विवाद उत्पन्न हुआ और पुलिस द्वारा तृणमूल कांग्रेस के ब्लॉक सह-संयोजक मोलॉय चक्रवर्ती को अपमानित करने का मामला सामने आया।
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, काजोड़ा मौजा में एक देवोत्तर संपत्ति — जो पूर्व में दुर्गादासी देवी पांडा के नाम पर पंजीकृत थी — उसके उत्तराधिकारियों का दावा है कि जालसाजी द्वारा उक्त भूमि को अन्य व्यक्तियों के नाम पर स्थानांतरित कर अवैध निर्माण कार्य किया जा रहा था। शुक्रवार को जब असली उत्तराधिकारी निर्माण स्थल पर पहुँचकर कार्य को बंद कराने का प्रयास करते हैं, तब कथित खरीदार पक्ष विरोध करता है और वैध दस्तावेज होने का दावा करता है।

स्थिति बिगड़ने पर पुलिस मौके पर पहुँचती है और दोनों पक्षों को अंडाल थाने ले जाया जाता है। वहीं, थाने में एक अधीनस्थ पुलिसकर्मी द्वारा वरिष्ठ अधिकारी के निर्देश पर मोलॉय चक्रवर्ती को थाने में लाने से उनके समर्थकों में आक्रोश फैल जाता है। देखते ही देखते थाने के बाहर धरना प्रदर्शन आरंभ हो जाता है, जिससे पुलिस महकमे में हलचल मच जाती है। कुछ समय बाद मोलॉय चक्रवर्ती को छोड़ दिया गया।

घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए ब्लॉक अध्यक्ष कालोबरन मंडल ने मोलॉय चक्रवर्ती के साथ हुई कथित अभद्रता की निंदा की और प्रशासन से निष्पक्ष जांच की माँग की। वहीं, शुभम चक्रवर्ती, जो खुद को संपत्ति का उत्तराधिकारी बताते हैं, ने स्पष्ट रूप से जाली दस्तावेजों के सहारे भूमि माफियाओं द्वारा कब्जा किए जाने का आरोप लगाया है।

ग्रामवासियों द्वारा ‘भूमि रक्षा समिति’ का गठन कर अब इस प्रकरण के विरुद्ध संघर्ष की घोषणा कर दी गई है। थाने के समक्ष किया गया धरना, सत्ता, प्रशासन और भू-माफिया के गठजोड़ पर सवाल खड़ा करता है।














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