

सालानपुर : बराबनी विधानसभा के सालानपुर ब्लॉक स्थित हिंदुस्तान केबल्स परिसर में बुधवार सुबह केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) की एक विशेष टीम ने निरीक्षण किया। चार सदस्यीय इस टीम का नेतृत्व डीआईजी रैंक के एक वरिष्ठ अधिकारी ने किया। टीम ने पूरे फैक्ट्री परिसर का बारीकी से दौरा किया, हालांकि उन्होंने पत्रकारों से किसी भी प्रकार की बातचीत करने से परहेज़ किया, जिससे क्षेत्र में कई तरह की अटकलें और उम्मीदें जन्म लेने लगी हैं।उल्लेखनीय है कि हिंदुस्तान केबल्स कभी क्षेत्र का एक प्रमुख औद्योगिक केंद्र था,

लेकिन लंबे समय से यह पूरी तरह बंद पड़ा है। ऐसे में सीआरपीएफ की टीम का यह अचानक दौरा स्थानीय निवासियों के लिए नई आशाओं की किरण बनकर सामने आया है।पुनर्वास समिति के अध्यक्ष सुभाष महाजन ने कहा, “हर बार चुनाव के आसपास केंद्रीय एजेंसियों का दौरा होता है, पर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया जाता। हमारी एकमात्र मांग है कि इस भूमि पर कोई नया उद्योग स्थापित किया जाए ताकि स्थानीय युवाओं को रोजगार के अवसर मिल सकें।”स्थानीय निवासियों का कहना है कि जब भी किसी केंद्रीय एजेंसी या अधिकारी का दौरा होता है, लोग उम्मीद करते हैं कि शायद अब कुछ बेहतर होगा। लेकिन बार-बार निराशा हाथ लगने से मन में मायूसी भी है। फिर भी, लोग उम्मीद नहीं छोड़ रहे।

एक स्थानीय युवक ने बताया, “हर बार सोचते हैं कुछ होगा, लेकिन फिर सब वैसा ही रह जाता है। इसके बावजूद हम आशा करते हैं कि सरकार एक दिन हमारी सुनवाई ज़रूर करेगी।

इस दौरे को लेकर सरकार या सीआरपीएफ की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है, जिससे भ्रम की स्थिति बनी हुई है।फिर भी, स्थानीय लोगों की अपेक्षा है कि हिंदुस्तान केबल्स की भूमि पर कोई बड़ा औद्योगिक प्रोजेक्ट शुरू हो, जिससे बेरोजगारी की समस्या दूर हो और सालानपुर क्षेत्र फिर से औद्योगिक मानचित्र पर चमक उठे।अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि इस दौरे के बाद सरकार क्या ठोस कदम उठाती है, और क्या वाकई इस बार आशा, विश्वास में बदलेगी?














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