

अंडाल : देश की वर्तमान परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए सीएमसी (एचएमएस) के महासचिव एसके पांडेय ने एक बड़ी पहल करते हुए आगामी 20 मई को प्रस्तावित औद्योगिक हड़ताल को स्थगित करने की मांग उठाई है। उन्होंने इस संबंध में एचएमएस एवं एचकेएमएफ के महासचिव हरभजन सिंह सिद्धू को पत्र प्रेषित किया है, जिसमें देश की सुरक्षा और एकजुटता को सर्वोपरि बताते हुए हड़ताल को टालने का आग्रह किया गया है।
यह मांग ऐसे समय में आई है जब भारतीय सेना ने “ऑपरेशन सिंदूर” के तहत पाकिस्तान में आतंकी ठिकानों को नष्ट कर देश की सुरक्षा का परचम लहराया है। इसके जवाब में पाकिस्तान द्वारा की गई कायराना हरकतों के कारण देश में सुरक्षा सतर्कता बढ़ा दी गई है।

एसके पांडेय ने कहा है कि यह समय आंदोलन का नहीं, बल्कि सरकार और सेना के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े होने का है। उन्होंने कहा कि देश की सेना ने पहलगाम में हुए हमले का मुंहतोड़ जवाब देकर भारत माता का सम्मान बढ़ाया है। ऐसे में देश को भीतर से कमजोर करना ठीक नहीं होगा।
सोशल मीडिया पर सकारात्मक प्रतिक्रिया
एसके पांडेय की इस अपील को सोशल मीडिया पर लोगों का जबरदस्त समर्थन मिल रहा है। कई यूजर्स ने उनकी इस पहल को देशहित में लिया गया समझदारी भरा और जिम्मेदार फैसला बताया है।
सिंटू भुइयां ने कमेंट करते हुए लिखा, “बहुत ही सराहनीय निर्णय, हम अपनी सरकार की नीतियों से असहमति रख सकते हैं, लेकिन देश से नहीं।”
चुन्नू तिवारी ने लिखा, “देशहित में लिया गया यह फैसला काबिल-ए-तारीफ है। भारत माता की जय।”
जयनारायण पांडेय ने कहा, “हड़ताल की तिथि आगे बढ़ाई जानी चाहिए, क्योंकि देशहित सर्वोपरि है।”
वहीं, जसविंदर सिंह घुमन ने लिखा कि एसके पांडेय के विचारों में देशभक्ति और जिम्मेदारी की भावना स्पष्ट रूप से झलकती है।

10 ट्रेड यूनियनों ने की थी हड़ताल की घोषणा
गौरतलब है कि बीते 18 मार्च को दिल्ली में देश की 10 प्रमुख श्रमिक संगठनों की बैठक में केंद्र सरकार की नीतियों, विशेषकर चार लेबर कोड्स को वापस लेने की मांग और श्रमिकों, किसानों तथा आम जनता से जुड़ी समस्याओं को लेकर आगामी 20 मई को देशव्यापी औद्योगिक हड़ताल का फैसला लिया गया था।
कोयला उद्योग सहित अन्य क्षेत्रों में ट्रेड यूनियनें हड़ताल को सफल बनाने की तैयारियों में जुटी थीं, लेकिन अब सीएमसी की इस अपील के बाद उम्मीद जताई जा रही है कि अन्य संगठन भी इस पर सकारात्मक निर्णय लेंगे।

एसके पांडेय ने उम्मीद जताई कि उनकी व्यक्तिगत राय को अन्य सभी केंद्रीय श्रम संगठनों का समर्थन मिलेगा, और देश के इस संवेदनशील समय में सभी संगठन राष्ट्रहित को प्राथमिकता देंगे।














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