
आसनसोल : पश्चिम बंगाल के औद्योगिक क्षेत्रों—चित्तरंजन, रूपनारायणपुर, मिहिजाम एवं अमलाडही—स्थित आधार पंजीकरण एवं परिमार्जन केंद्र अप्रैल माह की प्रारंभिक तिथि से पूर्णतः निष्क्रिय अवस्था में पड़े हैं। नागरिकगण आवश्यक सेवाओं से वंचित होकर प्रतिदिन निराश लौट रहे हैं।
सूत्रों के अनुसार, यूनिक आइडेंटिफिकेशन अथॉरिटी ऑफ इंडिया (UIDAI) द्वारा समस्त आधार केंद्रों के लिए “स्टैटिक आईपी” को अनिवार्य कर दिया गया है। केंद्र सरकार के इस निर्देश का मूल उद्देश्य आधार सेवा से जुड़े संभावित भ्रष्ट्राचार एवं पहचान संबंधी फर्जीवाड़ा को जड़ से उन्मूलित करना है।

UIDAI के आसनसोल स्थित क्षेत्रीय कार्यालय ने गत 31 मार्च की समयसीमा तक सभी केंद्रों को स्टैटिक आईपी स्थापित करने का निर्देश दिया था। परंतु अनुपालन न होने के कारण चित्तरंजन के बैंक ऑफ इंडिया शाखा, हेड पोस्ट ऑफिस, अमलाडही पोस्ट ऑफिस, बीएसएनएल कार्यालय एवं मिहिजाम के बैंक ऑफ इंडिया शाखा सहित समस्त केंद्रों को 4 अप्रैल से निष्क्रिय कर दिया गया।

स्टैटिक आईपी, सामान्य आईपी पते के विपरीत, एक निश्चित और अपरिवर्तनीय नेटवर्क पता होता है जो केवल एक निश्चित कंप्यूटर प्रणाली हेतु आरक्षित रहता है। इस प्रणाली से ही आधार का अद्यतन, नामांकन, अथवा विवरण परिवर्धन/परिवर्तन किया जा सकता है। इसके पीछे उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी आधार सेवा मोबाइल प्रणाली अथवा अन्यत्र स्थानांतरित कंप्यूटर द्वारा ना की जा सके, जिससे पूर्व में बड़े पैमाने पर अनधिकृत रूप से घर-घर जाकर आधार बनवाने, पते में हेरफेर करने जैसी शिकायतें प्राप्त हुई थीं।
चित्तरंजन के बीएसएनएल कार्यालय में यद्यपि स्टैटिक आईपी विद्यमान है, तथापि तकनीकी रूप से सिस्टम “डि-रजिस्ट्रेशन” की स्थिति में चला गया है, जिससे वह ब्लैकलिस्टेड हो गया है। बीएसएनएल अधिकारियों के अनुसार, यथोचित अनुमति के पश्चात व पुनः “व्हाइट लिस्ट” में आने पर ही मशीनें सक्रिय की जाएंगी।

अब समस्त नागरिकों की निगाहें इस ओर टिकी हैं कि इस औद्योगिक पट्टी में हजारों नागरिकों के लिए आधार सेवाओं का पुनः संचालन कब संभव होगा। UIDAI की यह पहल यद्यपि पारदर्शिता सुनिश्चित करने हेतु की गई है, परंतु अस्थायी अव्यवस्था जनसामान्य हेतु भारी असुविधा का कारण बनी हुई है।















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