
आसनसोल : उषाग्राम स्थित बीबी कॉलेज में उद्यमिता विकास, नवाचार और इनक्यूबेशन केंद्र द्वारा स्वाबलंबन और महिलाओं को विश्व स्तर पर सशक्त बनाने की एक संयुक्त पहल के अंतर्गत एक महत्वपूर्ण कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला का उद्देश्य विशेष रूप से वाणिज्य और व्यवसाय पृष्ठभूमि वाले युवाओं में उद्यमशीलता की सोच को बढ़ावा देना और उन्हें नेतृत्व कौशल से लैस करना था।

कार्यक्रम का मुख्य विषय ‘बिजनेस मॉडल कैनवास’ और ‘स्वाट (एसडब्ल्यूओटी) विश्लेषण’ था, जो व्यवसाय की योजना, रणनीतिक सोच और प्रतिस्पर्धी विश्लेषण पर केंद्रित था। इस कार्यशाला में अंशिशा पांडे प्रमुख रूप से उपस्थित थीं। अंशिशा पांडे ने व्यवसाय विकास और उद्यमिता में अपनी व्यापक अनुभव के साथ 26 छात्रों को एक इंटरैक्टिव सत्र में शामिल किया। इस सत्र में उन्होंने व्यवसाय नियोजन, रणनीतिक सोच, और प्रतिस्पर्धी विश्लेषण की प्रमुख अवधारणाओं को समझाया। सत्र को सैद्धांतिक और व्यावहारिक दृष्टिकोण से संरचित किया गया था, ताकि छात्र वास्तविक जीवन की स्थिति में इन अवधारणाओं का प्रयोग कर सकें।

चर्चा के बाद, प्रतिभागियों को दो समूहों में विभाजित किया गया और उन्हें ‘एम्पावरिंग वूमेन ग्लोबली नेटवर्क’ से दो स्थापित महिला उद्यमियों के साथ जोड़ा गया। इससे छात्रों को उद्योग की वास्तविक जानकारी प्राप्त करने और महिला उद्यमियों के व्यवसाय के अनुरूप एक बिजनेस मॉडल कैनवास तैयार करने का अवसर मिला।

कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. अमिताभ बासु ने इस अवसर पर कहा कि इस प्रकार के सत्र न केवल छात्रों को कक्षा में सीखने का एक नया तरीका प्रदान करते हैं, बल्कि उनके आत्मविश्वास को भी बढ़ाते हैं। उन्होंने आगे कहा कि इस तरह के कार्यक्रम छात्रों को व्यावसायिक दृष्टिकोण से तैयार करते हैं और उनके आत्मनिर्भर बनने के मार्ग को प्रशस्त करते हैं।
आयोजकों ने भविष्य में भी युवाओं में उद्यमिता और नवाचार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से इस प्रकार के कार्यक्रम आयोजित करने की इच्छा जताई। इस प्रकार के कार्यशालाएं विद्यार्थियों में एक नई सोच और सकारात्मक दृष्टिकोण को जन्म देती हैं, जो उन्हें व्यवसायिक दुनिया में कदम रखने के लिए प्रेरित करती हैं।















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