
आसनसोल : आर्ट ऑफ लिविंग के संस्थापक श्री श्री रविशंकर जी के जन्मदिवस के अवसर पर मंगलवार को आर्ट ऑफ लिविंग की आसनसोल शाखा की ओर से एनएस रोड स्थित गौशाला में गौसेवा कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान संस्था के सदस्यों ने गौवंश को चारा खिलाया और उन्हें स्नान कराकर सेवा कार्य में भाग लिया।
इस मौके पर आर्ट ऑफ लिविंग के शिक्षक धर्मवीर सिंह, सांत्वना मंडल समेत संस्था से जुड़े कई सदस्य उपस्थित रहे। सभी ने श्रद्धाभाव से गौसेवा करते हुए कार्यक्रम को सफल बनाया। धर्मवीर सिंह ने बताया कि यह सेवा कार्य श्री श्री रविशंकर जी के उस दर्शन को समर्पित है, जिसमें वे संपूर्ण प्राणी जगत की भलाई की बात करते हैं।

धर्मवीर सिंह ने कहा कि आर्ट ऑफ लिविंग की स्थापना वर्ष 1981 में श्री श्री रविशंकर जी ने की थी और तब से यह संस्था न केवल भारत में बल्कि विश्व के 200 से अधिक देशों में मानव जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए कार्यरत है। उनका उद्देश्य है कि व्यक्ति न केवल शारीरिक व मानसिक रूप से स्वस्थ हो, बल्कि आध्यात्मिक रूप से भी उन्नत बने।
उन्होंने आगे कहा कि श्री श्री रविशंकर जी के जन्मदिवस पर केवल मानव सेवा ही नहीं, बल्कि संपूर्ण जीवमात्र के कल्याण की भावना को ध्यान में रखते हुए आज गौशाला में आकर गौवंश की सेवा की गई। यह सेवा कार्य हमें करुणा, दया और सह-अस्तित्व की भावना का अभ्यास करने का अवसर देता है।

धर्मवीर सिंह ने यह भी बताया कि आर्ट ऑफ लिविंग के माध्यम से योग, ध्यान, प्राणायाम, सत्संग और सेवा कार्यों को बढ़ावा दिया जाता है। संस्था का उद्देश्य जीवन को तनावमुक्त और प्रसन्न बनाना है, और गौसेवा जैसे कार्यों के माध्यम से लोगों को आध्यात्मिक रूप से जोड़ने का कार्य किया जाता है।

कार्यक्रम के अंत में सभी सदस्यों ने मिलकर गौमाताओं के स्वास्थ्य व संरक्षण की प्रार्थना की तथा गौशाला के संचालकों का सहयोग करने का संकल्प लिया। इस मौके पर स्थानीय लोगों ने भी संस्था के इस प्रयास की सराहना की और अधिकाधिक लोग ऐसे सेवा कार्यों में जुड़ें, इसकी कामना की गई।














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