
बांकुड़ा : सारेंगा थाना अंतर्गत हलदरबाड़ी के निवासी व्यापारी जयंत हलदर एक साइबर ठगी के शिकार हो गए। एक फोन कॉल और एक व्हाट्सएप मैसेज के जरिए उनके दो बैंक खातों से कुल ढाई लाख रुपये पलभर में गायब हो गए। जयंतबाबू का दावा है कि उन्होंने यह रकम अपने बेटे की इंजीनियरिंग कॉलेज की फीस के लिए संजोकर रखी थी।

घटना 27 तारीख की शाम की है। जयंत हलदर अपनी दुकान में थे, तभी उन्हें “आरबीएल बैंक” नाम दर्शाते हुए एक व्हाट्सएप कॉल आया। फोन उठाते ही कॉल करने वाले व्यक्ति ने उन्हें फोन अपडेट करने की सलाह दी। फोन कटने के कुछ ही क्षणों बाद उनके मोबाइल पर एक लिंक वाला मैसेज आया। जैसे ही उन्होंने उस लिंक पर क्लिक किया, तुरंत उनके मोबाइल पर एक के बाद एक पैसे कटने के मैसेज आने लगे।

जयंतबाबू ने डर के कारण तुरंत अपना फोन स्विच ऑफ कर दिया, लेकिन जब उन्होंने दोबारा मोबाइल चालू किया तो देखा कि उनके दो अलग-अलग बैंक खातों से कुल ₹2,50,000 रुपये निकाल लिए गए हैं।
घबराए व्यापारी ने तत्काल सारेंगा थाना में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने उन्हें जांच का आश्वासन दिया है, लेकिन जयंतबाबू को संदेह है कि वह अपनी जमा पूंजी वापस पा सकेंगे या नहीं।
इस घटना से आहत जयंतबाबू ने कहा, “जब सरकार डिजिटल लेन-देन को बढ़ावा दे रही है, तब आम नागरिक की साइबर सुरक्षा सुनिश्चित करना भी उतना ही जरूरी है। अगर ऐसा ही चलता रहा तो आम आदमी अपनी मेहनत की कमाई ठगों के हवाले कर बैठेगा।”

स्थानीय लोगों का कहना है कि इस तरह की घटनाएं लगातार बढ़ती जा रही हैं और प्रशासन को जल्द से जल्द ठोस कदम उठाना चाहिए ताकि आम जनता का भरोसा कैशलेस व्यवस्था में बना रह सके।
साइबर ठगों द्वारा अपनाए जा रहे नए-नए तरीकों से लोग असहाय महसूस कर रहे हैं। इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है — क्या डिजिटल सुरक्षा पुख्ता है?














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