
आसनसोल : जाली नोट कारोबार के आरोप में गिरफ्तार एआईएमआईएम पश्चिम बर्धमान जिला अध्यक्ष दानिश अजीज को गुरुवार को आसनसोल अदालत से जमानत मिल गई। कुछ दिनों पूर्व उन्हें आसनसोल के मुर्गा सोल इलाके के एक होटल से पुलिस ने हिरासत में लिया था। पुलिस ने उन पर नकली नोटों के लेन-देन में संलिप्त होने का आरोप लगाया था।
दानिश अजीज की ओर से पैरवी कर रहे अधिवक्ता शेखर कुंडू ने बताया कि जिन धाराओं के तहत पुलिस ने मामला दर्ज किया है, उनमें अधिकतम सजा सात साल की है और यह जमानत योग्य अपराध की श्रेणी में आता है। उन्होंने अदालत के समक्ष यह भी कहा कि पुलिस रिमांड के दौरान दानिश के साथ अमानवीय व्यवहार किया गया।

शेखर कुंडू के अनुसार, रिमांड के दौरान दानिश को मिर्च घुला हुआ पानी पीने के लिए मजबूर किया गया, जिससे उनकी तबीयत बिगड़ गई। जब उनसे पूछा गया कि क्या पुलिस द्वारा शारीरिक प्रताड़ना भी की गई, तो उन्होंने स्पष्ट रूप से कुछ नहीं कहा, लेकिन ऐसे आरोप सामने आए हैं।
इस बीच, एआईएमआईएम के प्रदेश अध्यक्ष इमरान सोलंकी भी अदालत परिसर में मौजूद थे। उन्होंने कहा कि आज अदालत से जो फैसला आया, वह सच्चाई की जीत है। उन्होंने दावा किया कि दानिश अजीज को राजनीतिक साजिश के तहत फंसाया गया है, क्योंकि उन्होंने आसनसोल उत्तर विधानसभा क्षेत्र में अपनी पार्टी को मजबूत आधार प्रदान किया है।
इमरान सोलंकी ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि रिमांड के दौरान दानिश पर कबूलनामा लिखवाने का दबाव डाला गया और इनकार करने पर उनकी बेरहमी से पिटाई की गई। उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति अपने पैरों पर चलकर थाने गया था, वह आज अदालत में खड़ा भी नहीं हो पा रहा है।

दानिश अजीज के पिता मोहम्मद अजीज अमरोही ने भी अदालत के फैसले को न्याय की जीत बताया। उन्होंने कहा कि उनके बेटे को राजनीतिक कारणों से फंसाया गया है और उन्हें पूर्ण विश्वास है कि न्यायालय अंततः दानिश को सभी झूठे आरोपों से बरी करेगा।
इस प्रकरण ने स्थानीय राजनीति में हलचल मचा दी है और आने वाले समय में इसके राजनीतिक प्रभाव गहरे हो सकते हैं। वहीं, दानिश समर्थकों ने अदालत के फैसले के बाद राहत की सांस ली है।














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