शिल्पांचल में रेत की राजनीति, सभ्यता और जीवन दोनों संकटग्रस्त
आसनसोल : शनिवार का शिल्पांचल आज केवल औद्योगिक पहचान तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि वह रेत के इर्द-गिर्द खड़ी एक गहरी सामाजिक, पर्यावरणीय और मानवीय त्रासदी का साक्षी बनता जा रहा है। कभी नदियों की कल-कल धारा, हरियाली और प्राकृतिक संतुलन के लिए पहचाने जाने वाले आसनसोल–दुर्गापुर क्षेत्र में आज ‘बालू’ सबसे कीमती … Read more