
आसनसोल : चालू 2025-26 वित्तीय वर्ष में चित्तरंजन रेल इंजन कारखाना को 775 विद्युत रेल इंजनों के निर्माण का महत्त्वाकांक्षी लक्ष्य सौंपा गया है। उल्लेखनीय है कि बीते वित्तीय वर्ष में कारखाने द्वारा 700 इंजन का निर्माण किया गया था। इस बार का लक्ष्य पूर्ववर्ती से अधिक है, जिसे चित्तरंजन एवं डानकुनी इकाइयों द्वारा संयुक्त रूप से पूर्ण किया जाना है।
इसी परिप्रेक्ष्य में आज सीआरएमसी/एनएफआईआर/आईएनटीयूसी से संबद्ध श्रमिक प्रतिनिधिमंडल ने कारखाना के महाप्रबंधक विजय कुमार से शिष्टाचार भेंट की। प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व श्रमिक नेता इंद्रजीत सिंह ने किया। भेंट के दौरान महाप्रबंधक को शुभकामनाएं देते हुए उन्होंने इंजन निर्माण लक्ष्य की पूर्ति हेतु कर्मचारियों की सुरक्षा, गुणवत्ता मानकों की दृढ़ता, तथा 70 प्रतिशत प्रोत्साहन राशि (इन्सेंटिव) की समयबद्ध प्राप्ति सुनिश्चित करने की मांग की।

प्रतिनिधिमंडल ने विशेष चिंता व्यक्त करते हुए बताया कि 29 मार्च को उत्पादन समाप्ति के उपरांत, स्टील फाउंड्री विभाग के कई श्रमिकों का अब तक समुचित अन्य विभागों में स्थानांतरण नहीं किया गया है। उन्होंने आग्रह किया कि इस दिशा में महाप्रबंधक स्तर पर त्वरित निर्णय लेकर श्रमिकों को उचित विभागों में समायोजित किया जाए।

इसके अतिरिक्त शहर की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी चर्चा की गई। प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि हाल ही में कारखाना परिसर स्थित क्वार्टर में नं. 9 शॉप के कर्मी प्रदीप चौधरी की पत्नी सन्चिता चौधरी की निर्मम हत्या ने कर्मचारियों एवं नागरिकों में असुरक्षा की भावना उत्पन्न कर दी है। उन्होंने महाप्रबंधक से आग्रह किया कि कर्मचारी आवासीय क्षेत्रों में विधिसम्मत सुरक्षा उपाय सुनिश्चित कर वातावरण को भयमुक्त बनाया जाए।
स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता पर भी प्रश्न उठाए गए, जिनका समाधान करते हुए महाप्रबंधक ने सूचित किया कि रेल बोर्ड द्वारा कस्तूरबा गांधी अस्पताल के आधुनिकीकरण हेतु 22 करोड़ रुपए की राशि स्वीकृत की गई है। प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया गया कि सभी मुद्दों पर सकारात्मक व शीघ्र कदम उठाए जाएंगे।














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