
आसनसोल : केंद्र सरकार द्वारा एक अप्रैल से 748 आवश्यक औषधियों के मूल्यों में की गई अप्रत्याशित वृद्धि के विरुद्ध आसनसोल में तीव्र जनाक्रोश पनपने लगा है। इस क्रम में सोमवार संध्या इस्माइल मोड़ पर एक सशक्त पथसभा का आयोजन नगर निगम के बोरो चेयरमैन डॉ. देवाशीष सरकार के नेतृत्व में सम्पन्न हुआ, जिसमें आमजन को औषधि मूल्यवृद्धि के दुष्परिणामों से अवगत कराते हुए इस जनविरोधी निर्णय को अविलम्ब निरस्त करने की मांग की गई।

डॉ. देवाशीष सरकार ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि यह अत्यन्त दुर्भाग्यपूर्ण है कि केंद्र सरकार ने बिना किसी पूर्व विमर्श अथवा विशेषज्ञों की सलाह के 748 जीवनरक्षक दवाओं के मूल्य में वृद्धि कर दी, जिनमें रक्तचाप, मधुमेह, हृदय रोग एवं अन्य गम्भीर रोगों से सम्बंधित अत्यावश्यक औषधियाँ सम्मिलित हैं। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि इनमें से अनेक औषधियाँ ऐसी हैं जिन्हें रोगियों को प्रतिदिन दो बार सेवन करना अनिवार्य है।

उन्होंने चेतावनी दी कि इस मूल्यवृद्धि से कुछ औषधियों का मूल्य दस गुना तक बढ़ जाने की संभावना है, जिससे न केवल निम्नवर्ग, अपितु निम्न-मध्यमवर्ग भी गम्भीर आर्थिक संकट में फँस सकता है। यह निर्णय स्पष्टतः जनस्वास्थ्य के अधिकार के विरुद्ध है और आर्थिक विषमता को और गहरा करेगा।
डॉ. सरकार ने राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी द्वारा प्रारम्भ किए गए ‘स्वास्थ्य साथी’ योजना की प्रशंसा करते हुए कहा कि इस योजना ने राज्य के प्रत्येक नागरिक को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा सुलभ कराई है, जिसके माध्यम से एक निर्धन व्यक्ति भी आज उच्च स्तरीय निजी चिकित्सालयों में उपचार प्राप्त कर रहा है।

उन्होंने केंद्र सरकार पर आरोप लगाया कि वह सुनियोजित ढंग से जनहित की योजनाओं को निष्प्रभावी कर जनसामान्य को निजी औषधि कंपनियों की दया पर निर्भर बनाना चाहती है। सभा में उपस्थित नागरिकों ने सामूहिक रूप से केंद्र सरकार के इस निर्णय की निंदा करते हुए इसे तत्काल निरस्त करने की माँग की।














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