
कांकसा : जिले के कांकसा थाना अंतर्गत एक नाबालिग बालिका के साथ लंबे समय से हो रहे दुष्कर्म के गंभीर आरोप तृणमूल कांग्रेस के तीन सक्रिय कार्यकर्ताओं—संजय शर्मा, शशिकांत दास एवं अंकित गौतम—पर लगे हैं। पीड़िता के परिजन, जो भारतीय जनता पार्टी से सम्बद्ध हैं, ने 30 मार्च को कांकसा थाना में इसकी विधिवत लिखित शिकायत दर्ज कराई थी।

आरोप के अनुसार, दिसंबर 2023 से उपर्युक्त आरोपितों ने किशोरी के साथ कई बार बलात्कार किया। संजय शर्मा द्वारा किए गए कुकृत्य का वीडियो बनाकर उसे ब्लैकमेल भी किया गया। इसी वीडियो के सहारे पीड़िता को दोबारा शारीरिक शोषण का शिकार बनाया गया। आरोप है कि इस अमानवीय व्यवहार के परिणामस्वरूप पीड़िता गर्भवती हो गई, जिसे छिपाने हेतु आरोपी शशिकांत दास द्वारा गर्भनिरोधक दवाएं भेजी गईं। इन दवाओं के सेवन के उपरांत किशोरी को पेट में अत्यधिक पीड़ा हुई, जिसके पश्चात परिजनों को संपूर्ण घटना की जानकारी हुई।

घटना के आठ दिन बीत जाने के उपरांत भी कोई गिरफ्तारी न होने पर भाजपा की तेजतर्रार विधायक श्रीमती अग्निमित्रा पॉल के नेतृत्व में सोमवार को कांकसा थाने के समक्ष तीव्र विरोध प्रदर्शन एवं थाना घेराव किया गया। विधायक ने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी कि यदि 10 अप्रैल तक दोषियों की गिरफ्तारी सुनिश्चित नहीं होती, तो राष्ट्रीय राजमार्ग-19 एवं थाना का सम्पूर्ण कार्य ठप कर दिया जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि यह पूरा कृत्य सत्तारूढ़ दल के संरक्षण में हुआ है और प्रशासन दबाव में कार्य नहीं कर रहा।

वहीं, तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पल्लव बंद्योपाध्याय ने भाजपा पर ‘राजनीतिक नाटक’ रचने का आरोप लगाते हुए कहा कि “पुलिस कानून के दायरे में रहकर कार्य कर रही है, और दोषियों पर कार्रवाई अवश्य की जाएगी।”

कांकसा की यह घटना न केवल समाज में व्याप्त नैतिक क्षरण को उजागर करती है, बल्कि पीड़िता को शीघ्र न्याय दिलाने हेतु प्रशासनिक तत्परता की कसौटी भी बन चुकी है। मामला अब राजनीतिक रंग ले चुका है और क्षेत्र में तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है।














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