
बांकुड़ा : बांकुड़ा जिले के गंगाजलघाटी ब्लॉक अंतर्गत मेजिया ताप विद्युत केंद्र (DVC) के खिलाफ मंगलवार सुबह से ही क्षेत्र के किसान आक्रोशित नजर आए। लोटियाबनी और नित्यानंदपुर अंचल किसान कल्याण समिति के बैनर तले सैकड़ों किसान मुआवजे सहित कुल नौ सूत्रीय मांगों को लेकर बिजली परियोजना के सभी गेटों पर धरना-प्रदर्शन करने लगे।

किसानों का आरोप है कि ताप विद्युत केंद्र से निकलने वाली राख (फ्लाई ऐश) और रासायनिक अपशिष्ट, कभी हवा के माध्यम से तो कभी जल के जरिए आसपास की कृषि भूमि में फैल रहा है। इससे उनकी उपजाऊ जमीन बंजर होती जा रही है। किसानों का यह भी कहना है कि कई बार उन्होंने परियोजना प्रबंधन से मिलकर अपनी समस्याएं रखीं, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं किया गया है।
किसानों ने आरोप लगाया कि वर्ष 2022 के बाद से उन्हें किसी भी प्रकार का मुआवजा नहीं दिया गया है, जबकि उनकी जमीन लगातार प्रभावित हो रही है। पहले कुछ वर्षों तक आंशिक रूप से मुआवजा दिया जाता था, लेकिन पिछले तीन वर्षों से इसे पूरी तरह बंद कर दिया गया है।

इस आंदोलन में लोटियाबनी और नित्यानंदपुर समेत करीब 16 गांवों के किसान शामिल हुए। विरोध प्रदर्शन की गंभीरता को देखते हुए बड़जोड़ा के विधायक अलक मुखर्जी प्रदर्शन स्थल पर पहुंचे और किसानों की समस्याएं सुनीं। इसके बाद वह किसानों के एक प्रतिनिधिमंडल के साथ DVC प्रबंधन से वार्ता करने गए।

हालांकि, घंटों चली बैठक के बाद भी किसानों की मांगों को लेकर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया जा सका। इस पर नाराज किसानों ने घोषणा की कि जब तक उनकी मांगों पर स्थायी समाधान नहीं निकलेगा, तब तक उनका आंदोलन अनिश्चितकालीन रूप से जारी रहेगा।
यह प्रदर्शन क्षेत्र में पर्यावरणीय नुकसान और किसानों की आजीविका संकट को उजागर करता है, जिस पर सरकार और प्रशासन को जल्द कार्रवाई करनी होगी।















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