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आँगनवाड़ी भोजन गुणवत्ता विवाद पर अभिभावकों का उग्र विरोध प्रदर्शन

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बाराबनी :  बुधवार सुबह बाराबनी विधानसभा क्षेत्र के आसलबुनी स्थित एक आँगनवाड़ी केंद्र में मिड-डे मील की गुणवत्ता को लेकर हंगामा खड़ा हो गया। भोजन में अनियमितता और घटिया सामग्री परोसने का आरोप लगाते हुए कई अभिभावक अचानक केंद्र पर पहुंच गए और जमकर विरोध जताया। अभिभावकों का कहना था कि कई दिनों से बच्चों को दिए जा रहे भोजन में स्वाद, मात्रा और सफाई—तीनों में ही गंभीर लापरवाही हो रही थी, लेकिन शिकायत करने के बावजूद सुधार नहीं हुआ।

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अभिभावकों ने कहा—“बच्चों का स्वास्थ्य मज़ाक नहीं”
स्थानीय अभिभावकों ने आरोप लगाया कि बच्चों को दिया जाने वाला पोषाहार अक्सर अधपका, बेस्वाद और unhygienic होता है। कुछ अभिभावकों ने यह भी बताया कि बच्चों ने घर आकर उल्टी और पेट दर्द की शिकायत की।
एक अभिभावक ने रोष जताते हुए कहा,
“सरकार बच्चों के स्वास्थ्य के लिए योजनाएँ बनाती है, लेकिन ज़मीनी स्तर पर इसका हाल देखिए। पोषण की जगह बीमारी परोसी जा रही है।”

ग्राम पंचायत प्रधान पहुँचे मौके पर, दी चेतावनी
घटना की सूचना मिलते ही नुनी ग्राम पंचायत के प्रधान माधव तिवारी मौके पर पहुँचे। उन्होंने स्वयं केंद्र में रखे भोजन का निरीक्षण किया और अभिभावकों से पूरी बात सुनी। माधव तिवारी ने स्पष्ट कहा कि किसी भी स्थिति में बच्चों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

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प्रधान ने बताया कि उन्होंने तुरंत सुपरवाइजर और संबंधित विभागीय अधिकारियों से बात की है।
उन्होंने कहा—
“मुझे आज सुबह शिकायत मिली। मैं तुरंत पहुँचा। संबंधित अधिकारियों को सूचना दे दी है। अभिभावकों से लिखित शिकायत भी ले ली गई है। यदि आगे भी ऐसा दोहराया गया तो कठोर कार्रवाई तय है।”

“राजनीति का विषय नहीं, बच्चों का स्वास्थ्य सर्वोपरि”—प्रधान
घटना को लेकर कुछ राजनीतिक बयानबाज़ियाँ भी सामने आई थीं, जिन पर माधव तिवारी ने नाराजगी जताई।
उन्होंने कहा कि यह मुद्दा राजनीति से कहीं ऊपर है और किसी भी राजनीतिक दल को बच्चों के भोजन से जुड़े संवेदनशील विषय पर बयानबाज़ी नहीं करनी चाहिए।
“बच्चों का स्वास्थ्य प्राथमिकता है। राजनीतिक रंग देने की कोशिश बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।” —उन्होंने कहा।

आँगनवाड़ी कर्मियों पर भी सवाल
ग्रामीणों के अनुसार केंद्र में कई बार कर्मियों की अनुपस्थिति, सफाई में लापरवाही और भोजन बनाने में जल्दबाज़ी देखी गई है। कुछ लोगों ने आरोप लगाया कि कई बार मीनू में दर्ज व्यंजन परोसे ही नहीं जाते।
स्थानीय महिला समूहों ने भी केंद्र की गतिविधियों की निरंतर निगरानी की मांग उठाई है।

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जांच प्रक्रिया शुरू, अभिभावकों ने नियमित निगरानी की माँग रखी
माधव तिवारी ने आश्वासन दिया है कि पूरे मामले की जांच की जाएगी और दोषी पाए जाने पर कार्रवाई होगी। उन्होंने अभिभावकों से भी अपील की कि यदि भविष्य में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी नजर आती है तो तुरंत उन्हें सूचना दें।

अभिभावकों ने जिला प्रशासन से अनुरोध किया है कि आँगनवाड़ी केंद्रों में भोजन की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए नियमित निरीक्षण किया जाए ताकि बच्चों को सुरक्षित और पौष्टिक भोजन मिल सके।

बाराबनी क्षेत्र में बढ़ते आँगनवाड़ी विवादों के बीच यह घटना प्रशासनिक तंत्र के लिए एक बार फिर चेतावनी साबित हुई है कि यदि बच्चों से जुड़ी किसी योजना में लापरवाही होगी, तो स्थानीय जनता चुप नहीं बैठेगी।

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