आसनसोल : पश्चिम बंगाल सरकार के नए मंत्रिमंडल में आसनसोल दक्षिण की विधायक अग्निमित्रा पाल को दो महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी मिलने के बाद उनके परिवार में खुशी का माहौल है। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व वाली सरकार में अग्निमित्रा पाल को महिला एवं बाल विकास विभाग के साथ-साथ शहरी विकास एवं नगर प्रशासन मंत्रालय का दायित्व सौंपा गया है। उनकी इस उपलब्धि पर परिवारजनों, समर्थकों और शुभचिंतकों ने प्रसन्नता व्यक्त की है।
मंगलवार को मीडिया से बातचीत करते हुए अग्निमित्रा पाल के पिता एवं प्रसिद्ध शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. अशोक राय ने कहा कि बेटी की सफलता पर उन्हें अत्यंत गर्व महसूस हो रहा है। उन्होंने बताया कि सबसे पहले उन्होंने टेलीविजन पर यह समाचार देखा कि अग्निमित्रा पाल को महिला एवं बाल विकास विभाग का मंत्री बनाया गया है। इसके बाद स्वयं अग्निमित्रा पाल ने फोन कर उन्हें यह जानकारी दी कि उन्हें शहरी विकास एवं नगर प्रशासन विभाग की जिम्मेदारी भी सौंपी गई है।
डॉ. अशोक राय ने कहा कि उनकी बेटी बचपन से ही मेहनती, जुझारू और अपने कार्य के प्रति पूर्ण समर्पित रही हैं। उन्होंने बताया कि जब अग्निमित्रा पाल ने फैशन डिजाइनिंग के क्षेत्र में कदम रखा था, तब भी उन्होंने अपनी प्रतिभा और मेहनत के बल पर राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई थी। बाद में राजनीति में आने के बाद भी उन्होंने पूरी निष्ठा और सक्रियता के साथ जनसेवा को प्राथमिकता दी।
उन्होंने कहा कि अग्निमित्रा पाल की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि वह जिस भी कार्य को अपने हाथ में लेती हैं, उसमें पूरी तन्मयता से जुट जाती हैं। महिलाओं और बच्चों से जुड़े विषयों के प्रति उनकी विशेष संवेदनशीलता रही है और महिला सशक्तिकरण उनके सार्वजनिक जीवन का प्रमुख उद्देश्य रहा है। डॉ. राय ने विश्वास जताया कि उनकी बेटी दोनों मंत्रालयों की जिम्मेदारियों का सफलतापूर्वक निर्वहन करेंगी।
डॉ. राय ने यह भी कहा कि विधानसभा चुनाव के दौरान अग्निमित्रा पाल ने जिस प्रकार जनता के बीच जाकर लगातार संवाद स्थापित किया और लोगों की समस्याओं को समझने का प्रयास किया, उसी का परिणाम है कि आसनसोल दक्षिण की जनता ने उन्हें दूसरी बार अपना प्रतिनिधि चुना। उन्होंने कहा कि उनकी बेटी हमेशा लोगों के बीच रहकर कार्य करना पसंद करती हैं और जनसमस्याओं के समाधान के लिए प्रतिबद्ध रहती हैं।
महिला एवं बाल विकास विभाग में अपनी बेटी की भूमिका को लेकर पूछे गए प्रश्न पर डॉ. राय ने कहा कि यदि कभी उनके अनुभव की आवश्यकता होगी तो वह एक चिकित्सक और बाल रोग विशेषज्ञ के रूप में अवश्य मार्गदर्शन देंगे।
वहीं अग्निमित्रा पाल की माता अपर्णा राय ने भी बेटी की सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि बचपन से ही अग्निमित्रा पाल में दृढ़ निश्चय की भावना रही है। वह जो ठान लेती थीं, उसे पूरा करके ही मानती थीं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि महिलाओं और बच्चों के कल्याण से जुड़े विभाग की जिम्मेदारी मिलने के बाद वह समाज के लिए सकारात्मक कार्य करेंगी।
परिवार के दोनों सदस्यों ने कहा कि अग्निमित्रा पाल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यों और विचारों से प्रेरित हैं तथा महिला सशक्तिकरण और जनसेवा के क्षेत्र में उसी भावना के साथ कार्य करना चाहती हैं।

















Users Today : 0
Users Yesterday : 37