

आसनसोल : बंगाल की पारंपरिक संस्कृति और खानपान में मछली का विशेष स्थान है, और इसी सांस्कृतिक पहचान को केंद्र में रखते हुए भाजपा नेता जितेन्द्र तिवारी की संस्था कल्चरल एंड लिटरेरी फोरम ऑफ बंगाल की ओर से “चारापोना महोत्सव” का आयोजन किया जा रहा है। इस उत्सव की शुरुआत 20 अप्रैल को पांडवेश्वर विधानसभा क्षेत्र के माधाइगंज से की जाएगी। तिवारी ने जानकारी दी कि इसके बाद आने वाले दिनों में यह आयोजन आसनसोल और कोलकाता में भी होगा।

चारापोना यानी मछली के छोटे बच्चों को बंगाल के ग्रामीण क्षेत्रों में विशेष रूप से पसंद किया जाता है। यह मछली आसानी से तालाबों में मिलती है और आम बंगालियों के दैनिक भोजन का हिस्सा रही है। आयोजन में स्थानीय लोगों को भात, दाल, सब्ज़ी और चारापोना मछली परोसी जाएगी।

इस आयोजन को जहां एक ओर सांस्कृतिक विरासत से जुड़ा प्रयास माना जा रहा है, वहीं दूसरी ओर इस पर राजनीतिक विवाद भी खड़ा हो गया है। बंगाल पक्ष के प्रदेश अध्यक्ष गर्ग चट्टोपाध्याय ने जीतेन्द्र तिवारी की मंशा पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि दिल्ली में जब बंगालियों के पारंपरिक भोजन, विशेषकर मछली बाज़ारों पर बंदिशें लगाई जाती हैं, तब भाजपा नेता चुप रहते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि यह आयोजन सिर्फ ‘डैमेज कंट्रोल’ की कोशिश है।

इस पर प्रतिक्रिया देते हुए जीतेन्द्र तिवारी ने कहा कि मछली बंगाली पहचान का अभिन्न अंग है और इसे लेकर किसी भी तरह की राजनीति नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा, “यह आयोजन केवल हमारी संस्कृति और खानपान की परंपरा को सम्मान देने के उद्देश्य से किया जा रहा है। किसी की खाने-पीने की आदतों पर सवाल उठाना संविधान के मूल अधिकारों के खिलाफ है।”















Users Today : 20
Users Yesterday : 26