

आसनसोल : तृणमूल कांग्रेस के राज्य संपादक वी. शिवदासन दासु ने एक बार फिर विपक्षी विचारधारा के लोगों पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लाइव आकर अध्यापक एवं टीवी डिबेट में सक्रिय वक्ता विश्वनाथ चक्रवर्ती पर जमकर निशाना साधा।
दरअसल, विश्वनाथ चक्रवर्ती ने हाल ही में दिए एक बयान में कहा था कि वामपंथी शासनकाल के दौरान हर साल एसएससी परीक्षा आयोजित होती थी और पारदर्शिता के साथ शिक्षकों की नियुक्ति की जाती थी, जबकि वर्तमान में ऐसी व्यवस्था नहीं रह गई है। इस बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए दासु ने चक्रवर्ती को “वामपंथी दलाल” करार दिया और आरोप लगाया कि चूंकि उन्हें शिक्षक की नौकरी वाम शासन के दौरान मिली थी, इसलिए वह “नमकहरामी” कर रहे हैं और तृणमूल सरकार को बदनाम करने की साजिश में लगे हैं।
दासु ने दावा किया कि वाम शासन के दौरान नियुक्तियों में भारी धांधली होती थी। पार्टी के कार्यकर्ताओं और जनगणना जैसे कार्यों में शामिल आठवीं-दसवीं पास लोगों को भी शिक्षक पदों पर रखा गया था। उन्होंने कहा कि विश्वनाथ चक्रवर्ती इन सब तथ्यों को जानते हुए भी झूठ बोल रहे हैं, सिर्फ इसलिए क्योंकि उनकी वफादारी उस शासनकाल से जुड़ी है।

प्रदेश में अशांति के मुद्दे पर दासु ने कहा कि आज के डिजिटल युग में कोई बात छिपाई नहीं जा सकती। उन्होंने वाम शासन के दौरान बंगाल में हुए दंगों और विपक्षी दलों के कार्यकर्ताओं पर हुए अत्याचारों की भी याद दिलाई। उन्होंने कहा कि वह स्वयं वामपंथी उत्पीड़न के कारण एक समय घर से भागने को मजबूर हुए थे।

शुभेंदु अधिकारी पर निशाना साधते हुए दासु ने कहा कि वह आज सनातन धर्म के नाम पर समाज को बाँटने की कोशिश कर रहे हैं, जबकि पहले टीएमसी में रहते हुए उन्होंने भाजपा कार्यकर्ताओं पर जुल्म किए थे। उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा के कई शीर्ष नेताओं की संतानें अंतरधार्मिक विवाह कर चुकी हैं, ऐसे में धर्म की राजनीति करना महज दिखावा है।














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