

सालानपुर (पश्चिम बर्धमान): महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण हेतु संचालित राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) के अंतर्गत गठित एक महिला संगठन द्वारा सरकारी निधियों के गबन का एक गंभीर मामला सामने आया है। इस मामले में ‘आदर्श संघ महिला मल्टीपरपज़ सोसायटी लिमिटेड’ की दो पदाधिकारी — बसंती सोरेन एवं उनकी सहयोगी रासमणि बेसरा — के विरुद्ध सलानपुर थाने में लगभग 31 लाख रुपये की वित्तीय अनियमितता को लेकर प्राथमिकी दर्ज की गई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, उक्त महिला संगठन की स्थापना वर्ष 2017 में हुई थी। इसे वर्ष 2019 से 2021 के मध्य राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत लगभग 31 लाख रुपये की राशि प्रदान की गई थी। यह राशि स्वयं सहायता समूह की सदस्य महिलाओं को 6 से 9 प्रतिशत की न्यूनतम वार्षिक ब्याज दर पर ऋण स्वरूप वितरित की जानी थी, साथ ही अति निर्धन परिवारों को ब्याजमुक्त ऋण देने का भी प्रावधान था। किंतु ब्लॉक मिशन प्रबंधन इकाई द्वारा की गई ऑडिट रिपोर्ट में कोष के दुरुपयोग और वित्तीय कदाचार की पुष्टि हुई।

ब्लॉक विकास अधिकारी देबांजन विश्वास ने बताया कि ऑडिट के दौरान महिला संघ की बैंक विवरणियों और नकद पुस्तकों में भारी विसंगतियाँ पाई गईं। वर्ष 2022 की वैधानिक ऑडिट रिपोर्ट में भी निधि के उपयोग का कोई स्पष्ट अभिलेख उपलब्ध नहीं हुआ। इसके फलस्वरूप सलानपुर थाने में भादवि की विभिन्न धाराओं के अंतर्गत मामला संख्या 58/25 दर्ज किया गया है।

प्रशासन के अनुसार, ग़रीब महिलाओं के कल्याण हेतु आबंटित निधि को निजी लाभ हेतु उपयोग करना एक अत्यंत गंभीर अपराध है। प्रशासन ने कड़ी कार्रवाई का संकेत देते हुए पुलिस जांच में पूर्ण सहयोग देने की बात कही है।

स्थानीय सूत्रों का कहना है कि एक वर्ष पूर्व भी इस मुद्दे पर अछरा पंचायत क्षेत्र में एक बैठक के दौरान विवाद उत्पन्न हुआ था, किंतु तब मामला दबा दिया गया था। अब औपचारिक प्राथमिकी के बाद इस प्रकरण ने एक निर्णायक मोड़ ले लिया है।














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