आसनसोल : पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के तहत बुधवार को आसनसोल क्षेत्र में भारतीय जनता पार्टी ने जोरदार शक्ति प्रदर्शन किया। इस दौरान आसनसोल दक्षिण, जामुड़िया, कुल्टी और बाराबनी विधानसभा क्षेत्रों के भाजपा प्रत्याशियों ने अपने-अपने नामांकन पत्र दाखिल किए। नामांकन से पहले पार्टी द्वारा एक विशाल रैली का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और समर्थक शामिल हुए।
रैली की शुरुआत बीएनआर क्षेत्र से हुई, जहां से हजारों की संख्या में कार्यकर्ता नारों और झंडों के साथ आगे बढ़े। इस रैली में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष शमिक भट्टाचार्य, जिला अध्यक्ष देवतनु भट्टाचार्य तथा विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों के प्रत्याशी मौजूद रहे। पूरे मार्ग में कार्यकर्ताओं का उत्साह देखने लायक था और उन्होंने पार्टी के समर्थन में जोरदार नारेबाजी की।
रैली के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, प्रदेश नेतृत्व और स्थानीय उम्मीदवारों के समर्थन में जयकारे लगाए गए। कार्यकर्ताओं ने पार्टी के झंडे और बैनर के साथ पूरे इलाके में चुनावी माहौल को जीवंत कर दिया। इस शक्ति प्रदर्शन को भाजपा की चुनावी तैयारी का अहम हिस्सा माना जा रहा है।
नामांकन प्रक्रिया के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए शमिक भट्टाचार्य ने राज्य सरकार और सत्तारूढ़ दल पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण और सुधार से जुड़ी प्रक्रियाओं में बाधा उत्पन्न की जा रही है, जो लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए चिंता का विषय है।
उन्होंने आरोप लगाया कि आसनसोल दक्षिण क्षेत्र में अवैध मतदाताओं के नाम हटाने के लिए फॉर्म-7 जमा करने की प्रक्रिया को व्यवस्थित रूप से बाधित किया गया। उनके अनुसार, इस दौरान तृणमूल कांग्रेस के समर्थकों द्वारा भाजपा कार्यकर्ताओं को रोका गया और उनके साथ दुर्व्यवहार किया गया।
शमिक भट्टाचार्य ने यह भी दावा किया कि एक घटना में एक जनप्रतिनिधि की गाड़ी से फॉर्म-7 के दस्तावेज छीन लिए गए, जिससे यह स्पष्ट होता है कि मतदाता सूची में सुधार के प्रयासों को दबाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि भाजपा इस मुद्दे को गंभीरता से ले रही है और इसके खिलाफ लगातार आवाज उठाएगी।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि पार्टी का उद्देश्य मतदाता सूची को पारदर्शी और निष्पक्ष बनाना है। उन्होंने कहा कि जब तक एक भी अवैध मतदाता का नाम सूची में मौजूद रहेगा, तब तक पार्टी का आंदोलन जारी रहेगा। इस संबंध में उन्होंने चुनाव आयोग से भी हस्तक्षेप की मांग की।
बुधवार को हुए इस शक्ति प्रदर्शन और नामांकन प्रक्रिया ने आसनसोल क्षेत्र में चुनावी माहौल को और अधिक गर्म कर दिया है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि आने वाले दिनों में विभिन्न दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप और तेज होंगे, जिससे चुनावी प्रतिस्पर्धा और तीखी हो सकती है।
फिलहाल, भाजपा ने अपने उम्मीदवारों के नामांकन के साथ चुनावी अभियान को गति दे दी है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि आगामी दिनों में यह रणनीति किस तरह मतदाताओं को प्रभावित करती है और चुनावी परिणामों पर इसका क्या असर पड़ता है।

















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