आसनसोल : पश्चिम बर्धमान जिले के आसनसोल शहर में बुधवार को घरेलू गैस आपूर्ति को लेकर उपभोक्ताओं का आक्रोश खुलकर सामने आया। एचपी गैस एजेंसी के ग्राहकों ने पिछले लगभग एक महीने से गैस सिलेंडर नहीं मिलने की समस्या को लेकर एजेंसी कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया और प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग की।
प्रदर्शन कर रहे उपभोक्ताओं का आरोप है कि उन्होंने समय पर गैस सिलेंडर की बुकिंग कराई थी और उनके मोबाइल फोन पर डिलीवरी का संदेश भी प्राप्त हो चुका है, लेकिन इसके बावजूद उन्हें सिलेंडर उपलब्ध नहीं कराया गया। इस स्थिति से आम लोगों के दैनिक जीवन पर गंभीर असर पड़ा है, खासकर उन परिवारों को अधिक परेशानी हो रही है जो पूरी तरह गैस सिलेंडर पर निर्भर हैं।
स्थानीय लोगों ने बताया कि कई बार एजेंसी से संपर्क करने के बावजूद उन्हें संतोषजनक जवाब नहीं मिला। कुछ उपभोक्ताओं ने आरोप लगाया कि एजेंसी द्वारा जानबूझकर आपूर्ति में देरी की जा रही है। वहीं, कई लोगों ने यह भी आशंका जताई कि गैस सिलेंडरों की कालाबाजारी की जा रही है, जिसके कारण आम ग्राहकों को समय पर आपूर्ति नहीं मिल पा रही है।
स्थिति बिगड़ती देख कुछ उपभोक्ताओं ने पुलिस की मदद ली, जिसके बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने हालात को शांत करने का प्रयास किया और एजेंसी प्रबंधन से बातचीत की। पुलिस की मौजूदगी में उपभोक्ताओं ने अपनी समस्याएं विस्तार से रखीं और शीघ्र समाधान की मांग की।
इस मामले पर एजेंसी के अधिकारियों ने सफाई देते हुए कहा कि तकनीकी और आपूर्ति संबंधी कुछ समस्याओं के कारण वितरण में देरी हुई है। उन्होंने उपभोक्ताओं को आश्वासन दिया कि अगले दो से चार दिनों के भीतर सभी लंबित बुकिंग वाले ग्राहकों को गैस सिलेंडर उपलब्ध करा दिए जाएंगे। अधिकारियों ने यह भी कहा कि स्थिति को सामान्य करने के लिए हर संभव प्रयास किया जा रहा है।
हालांकि, उपभोक्ताओं का भरोसा अभी पूरी तरह बहाल नहीं हो पाया है। उनका कहना है कि जब अन्य गैस एजेंसियां समय पर सिलेंडर उपलब्ध करा रही हैं, तो केवल एक एजेंसी में ही इस प्रकार की समस्या क्यों उत्पन्न हो रही है। इससे संदेह और भी गहरा हो गया है।
स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि समस्या केवल आपूर्ति में बाधा के कारण है या फिर इसके पीछे कोई अन्य कारण है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही समस्या का समाधान नहीं हुआ, तो वे व्यापक स्तर पर आंदोलन करने को बाध्य होंगे।

















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